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भगवान परशुराम का पूजा अर्चना कर मनाया जन्मोत्सव


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भगवान परशुराम का पूजा अर्चना कर मनाया जन्मोत्सव

भगवान परशुराम का पूजा अर्चना कर मनाया जन्मोत्सव

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

रतनगढ़ : कस्बा रतनगढ़ में श्री गौड़ ब्राह्मण सेवा समिति रतनगढ़ के पंडितपुर स्थित भवन में भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के सुअवसर पर पण्डित सुधाकर शास्त्री ने बटुकों के साथ विधिवत पूजा अर्चना की, समिति अध्यक्ष जय प्रकाश ताम्रायत ने भगवान श्री परशुराम के समाज सुधार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने राजा कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) जैसे अत्याचारी राजाओं का वध करके समाज में न्याय और सुरक्षा की स्थापना की थी।

खांडल विप्र अध्यक्ष बद्री प्रसाद बंणसिया ने बताया कि दिव्य परशु: महादेव शिव की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्होंने एक अजेय फरसा (परशु) प्राप्त किया था रमेश चंद इंदौरिया ने परशुराम जी के अमरता और अवतार के बारे में बताया कि मान्यता है कि वे त्रेतायुग से लेकर कलयुग के अंत तक जीवित रहेंगे, जो 8 चिरंजीवियों में से एक हैं।

पूर्व पालिकाध्यक्ष संतोष बाबू इंदौरिया ने शक्ति और शिक्षा पर विस्तार से बताया कि भगवान परशुराम न केवल शस्त्र विद्या (युद्ध कला) में निपुण थे, बल्कि शास्त्रों के भी ज्ञाता थे। उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण को शिक्षा दी थी। युवक संघ अध्यक्ष धीरेन्द्र शर्मा ने भगवान परशुराम के जीवन का विवरण बताते हुए बताया कि विष्णु अवतार की कथा उनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) को प्रदोष काल में हुआ था। माता-पिता के प्रति निष्ठा, पिता जमदग्नि के आदेश पर, उन्होंने अपनी माता रेणुका का वध किया था, लेकिन बाद में पिता से वरदान मांगकर उन्हें पुनर्जीवित भी कर दिया था।

इस अवसर पर समिति मंत्री सुरेन्द्र हारित, सुरेन्द्र चौमाल, विष्णुदत धर्ड़, विनोद चौमाल, रामावतार शर्मा,राहुल व्यास, राजेश जोशी, महेश बोहरा, रवि प्रकाश बोगड़, निलेश इंदौरिया, डॉ. ओम प्रकाश महर्षि, हरि प्रसाद बुटोलिया,राजेश कौशिक, अरुण पचलंगिया,सुरेन्द्र बिंयाला , रामकिशन हरितवाल सहित सैकड़ों विप्र बंधु उपस्थित थे।

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