[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

आईपीएल सट्टे पर बड़ा एक्शन: नवलगढ़ पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, 3 गिरफ्तार


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़नवलगढ़राजस्थानराज्य

आईपीएल सट्टे पर बड़ा एक्शन: नवलगढ़ पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, 3 गिरफ्तार

कोलसिया में छापा, लाखों की नकदी और भारी मात्रा में उपकरण जब्त

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : शैलेंद्र पारीक

नवलगढ़ : नवलगढ़ थाना पुलिस और जिला साइबर सेल ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम कोलसिया में छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 2 हजार रुपये नकद सहित सट्टेबाजी में उपयोग होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।

कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों से 2 लैपटॉप, 19 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 26 सिम कार्ड, 34 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 8 चेकबुक और एक डोंगल जब्त किया। जांच में सामने आया कि इन बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया था।पुलिस को आरोपियों के पास से तीन डायरियां भी मिलीं, जिनमें बड़े पैमाने पर पैसों के लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड दर्ज था। इन दस्तावेजों के आधार पर नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। इसके लिए वे विदेशी वेबसाइटों और प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे थे।

यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्रसिंह राजावत के मार्गदर्शन और वृताधिकारी महावीर सिंह की निगरानी में थानाधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में नवलगढ़ पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। 18 अप्रैल 2026 को की गई इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है: रविन्द्र कुमार (28), निवासी ढाका का बास, नवलगढ़, रामचन्द्र (31), निवासी जेठवा का बास, फतेहपुर सदर, जिला सीकर, अशोक कुमार (29), निवासी कोलसिया, नवलगढ़, इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों से बैंक खाते किराये पर लेकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने पास रख लेते थे। इसके बाद विदेशी ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म और पैनल खरीदकर मोबाइल फोन के जरिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बनाते थे। इन ग्रुप्स के माध्यम से देशभर के लोगों को जोड़कर उनकी आईडी बनाई जाती थी और क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाया जाता था। सट्टे में जीती रकम को बिटकॉइन और यूएसडीटी जैसी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर बाद में बैंक खातों से निकाला जाता था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों की जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

Related Articles