[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

फतेहपुर के दो शातिर गिरफ्तार: आकाश और अहमद को सीकर पुलिस ने दबोचा, करोड़ों के खेल का हुआ भंडाफोड़


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

फतेहपुर के दो शातिर गिरफ्तार: आकाश और अहमद को सीकर पुलिस ने दबोचा, करोड़ों के खेल का हुआ भंडाफोड़

फर्जीवाड़ा आधार कार्ड: सीकर में 'म्युल हंटर' ऑपरेशन का बड़ा खुलासा, पहले आधार से सिम, फिर बैंक खाते; साइबर ठगों की 'फैक्ट्री' चला रहे थे ये शातिर

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : ​आबिद खान ​

​सीकर : ​सीकर की फिजाओं में साइबर ठगी का एक ऐसा घिनौना जाल बुना जा रहा था, जिसकी कल्पना करना भी आम आदमी के लिए खौफनाक है। सीकर कोतवाली पुलिस, साइबर सेल और डीएसटी टीम ने ‘ऑपरेशन म्युल हंटर’ के तहत एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो तकनीक का इस्तेमाल इंसानियत को लूटने के लिए कर रहा था। गरीब ग्रामीण युवाओं को चंद पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करना और फिर उसी के दम पर करोड़ों का काला कारोबार खड़ा करना-यह इस गिरोह की कार्यशैली थी।

​कैसे काम करती थी यह ‘साइबर ठगों की फैक्ट्री’?

​पुलिस की गिरफ्त में आए दो आरोपियों आकाश सैनी (22) पुत्र शंकरलाल सैनी (निवासी वार्ड नंबर 32, फतेहपुर) और अहमद रजा पठान (19) पुत्र राशिद (निवासी मोहल्ला तेलियान, फतेहपुर) से हुई पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं: ​ ये आरोपी ग्रामीण इलाकों के भोले-भाले युवाओं को अपना शिकार बनाते थे। चंद रुपयों का लालच देकर उनके आधार कार्ड हासिल किए जाते थे। इन्हीं आधार कार्डों के जरिए पहले सिम कार्ड निकलवाए जाते थे। ​इन सिम कार्ड्स और दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जी मेल आईडी बनाई जाती थी। इसके बाद ‘नियो’ (Neo) और ‘HSBC’ जैसे एप्स के जरिए ऑनलाइन बैंक अकाउंट्स खोले जाते थे। तैयार किए गए इन फर्जी बैंक अकाउंट्स को ये शातिर साइबर ठगों को 30 हजार रुपए प्रति अकाउंट की मोटी रकम पर बेच देते थे।

पकड़े गए आरोपी

​पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सामान बरामदगी
​5 अप्रैल को सीकर एसपी ऑफिस के साइबर सेल के कॉन्स्टेबल बजरंग और महिपाल तथा डीएसटी टीम को मिली गुप्त सूचना के बाद, पुलिस ने जाल बिछाया। बजरंग कांटा के पास से जब दोनों आरोपियों को रोका गया, तो उनके पास से पुलिस ने सबूतों का जखीरा बरामद किया: ​18 सक्रिय फर्जी सिम कार्ड ​10 बेची हुई सिम के खाली रैपर ​आधार कार्ड और एटीएम कार्ड्स ​तीन मोबाइल फोन और एक वाहन जप्त ।

​करोड़ों का ट्रांजेक्शन, कौन है असली मास्टरमाइंड?
​थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि आरोपी केवल एक कड़ी हैं। असली खेल तो इन खातों के माध्यम से साइबर ठग खेल रहे थे, जो करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन इन खातों में करते थे। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य लक्ष्य उन साइबर ठगों तक पहुँचना है जो इन खातों का उपयोग कर जनता की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे। ​इस ऑपरेशन में साइबर सेल के कॉन्स्टेबल महिपाल और बजरंग की सक्रियता और विशेष भूमिका ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने में अहम योगदान दिया है।

आरोपियों के पास से कई आधार कार्ड और सिम कार्ड मिले।

डिजिटल युग में सतर्कता ही सुरक्षा है।
​सीकर का यह मामला एक चेतावनी है। आधार कार्ड का दुरुपयोग कैसे आपकी पहचान को अपराधी बना सकता है, यह इसका जीता-जागता उदाहरण है। ‘जन मानस’ का मानना है कि केवल इन दो को पकड़ने से काम नहीं चलेगा, जब तक उन साइबर ठगों के हाथ कानून की हथकड़ी में नहीं आते, जो इस करोड़ों के खेल के असली सूत्रधार हैं।

Related Articles