मातम में बदली खुशियां..:जिस आंगन में गूंजे थे बड़े भाई की शादी के गीत, वहां से उठ गया छोटे भाई का जनाजा!
काल बनकर आए तेज रफ्तार ट्रक ने छीनीं घर की खुशियां”
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : आबिद खान
फतेहपुर : नियति का क्रूर और कलेजा चीर देने वाला चेहरा सीकर के फतेहपुर में देखने को मिला है। जिस घर में अभी दो दिन पहले बड़े भाई सोनू के सिर पर सेहरा सजा था, डीजे और बैंड-बाजे की धुन पर पूरा परिवार खुशियां मना रहा था घर की खुशियां सातवें आसमान पर थीं, आज उसी आंगन में पत्थर को भी पिघला देने वाली चीखें बार बार सुनाई दे रही हैं। काल बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने परिवार के लाडले 18 वर्षीय हारून खान को हमेशा के लिए छीन लिया और एक हंसते-खेलते घर को गहरे शोक में डुबो दिया।
मां की सूनी आंखें, भाईयो की बिलखती पुकार और पिता का टूटता हौसला इस दर्द को और गहरा कर रहा है-जहां कल तक ढोल बज रहे थे, आज सन्नाटा चीख रहा है।
27 मार्च की रात बनी काल की रात..
प्राप्त एफ आई आर से मिली जनकारी के अनुसार हादसा उस वक्त हुआ जब अनीस खान पुत्र अयूब खान (रसूलपुर) अपने बुआ (फूफी) के बेटे निजी रिश्तेदार हारून खान के साथ गाय की दवाई लेने दोनो फतेहपुर जा रहे थे। फदनपुरा और देवास स्टैंड के बीच बाइक साइड में कच्चे में खड़ी कर अनीस बाथरूम करने रुका हारून बाइक के पास खड़ा था तभी मौत बनकर आए एक तेज रफ्तार और लापरवाह ट्रक (HR 66 A 6981) के चालक ने अपनी रफ्तार की हनक में, साइड में कच्चे में खड़ी मोटरसाइकिल और पास खड़े हारून खान को भयंकर टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल दूर जा गिरी और हारून बेसुध होकर लहूलुहान हालत में जमीन पर गिर पड़ा। और इसके मुंह से खून बहना शुरू हो गया।

इंसानियत को शर्मसार कर भाग निकला ट्रक ड्राइवर
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक ने मौके पर रुकना और मदद करना जरूरी नहीं समझा। आरोपी चालक ने तड़पते हुए हारून की मदद करने के बजाय, इंसानियत को ताक पर रखकर ट्रक सहित मौके से भागना बेहतर समझा और भाग निकला।
मानवता की मिशाल बना महेंद्र ज्याणी
मगर इसी बीच मानवता की मिशाल बनकर आए महेंद्र ज्याणी फदनपुरा ने पहले भागते हुए ट्रक की फोटो ली जिससे उसकी पहचान हो सकी। उसके बाद महेंद्र ज्याणी ने हारून को धानुका अस्पताल पहुंचाने में पुरजोर मेहनत की मानवता की मिशाल बने महेंद्र ज्यानी ने बताया कि हादसा बहुत दर्दनाक था। हारून के मुंह से खून नही रुक रहा था और उसके सर में चोट दिख रही थी मैं खुद मेरी कार से धानुका अस्पताल फतेहपुर तक घायल हारून को लेकर गया था।
सांसों की डोर बचाने का हर संभव संघर्ष
मृतक हारून के मौसा (खालू) आबिद खान दाडून्दा ने बताया कि हारून की गिरती धड़कनों को बचाने के लिए उसे धानुका अस्पताल से सीकर और फिर जयपुर के एसएमएस ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। दो दिन तक जिंदगी और मौत के बीच कड़ा संघर्ष करने के बाद, आखिरकार 29 मार्च को हारून जिंदगी की जंग हार गया। आबिद खान का कहना था कि “घर में शादी का उल्लास अभी थमा भी नहीं था कि इस हादसे ने सब कुछ हिलाकर रख दिया। हम सभी रिश्तेदार दो दिन तक बच्चे की जान बचाने के लिए जयपुर में भागदौड़ करते रहे, हर संभव कोशिश की, दर-दर दौड़े, लेकिन उसे बचा नहीं सके।” और हमारी बदनसीबी ने खुशियों को मातम में धकेल दिया।
उन्होंने बताया कि इलाज और अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं में व्यस्त रहने के कारण 30 मार्च को सदर थाना फतेहपुर में FIR दर्ज करवाकर पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि: तेज रफ्तार और घोर लापरवाही से वाहन चलाने वाले, एक्सीडेंट के बाद घायल की मदद किए बिना मौके से भाग जाने वाले, और मानवता को शर्मसार करने वाले उस ट्रक चालक के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है
एफ आई आर दर्ज कर ली गई हैं जांच जारी हैं मौके से मोटरसाइकल जब्त कर परिजनों को सुपुर्द कर दी गई हैं संबंधित मामले में शीघ्र ही ट्रक को जब्त कर लिया जाएगा। – सांवर मल हेड कांस्टेबल जांच अधिकारी पुलिस थाना सदर फतेहपुर
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19






Total views : 2091977


