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सूरजगढ़ विधायक के सवाल पर सरकार का जवाब: जल्द लागू होगी पारदर्शी तबादला नीति, पोर्टल से होंगे आवेदन


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सूरजगढ़ विधायक के सवाल पर सरकार का जवाब: जल्द लागू होगी पारदर्शी तबादला नीति, पोर्टल से होंगे आवेदन

झुंझुनूं : श्रवण कुमार द्वारा राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र में उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्न पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पारदर्शी तबादला नीति लागू करने की दिशा में अंतिम चरण की तैयारी की जानकारी दी है।

विधायक श्रवण कुमार ने सरकार से पारदर्शी स्थानांतरण नीति और इसकी समयसीमा को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया कि राज्य में तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्था आधारित बनाने के लिए कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।

नगर कांग्रेस कमेटी सिंघाना के अध्यक्ष डी.पी. सैनी ने बताया कि विधायक श्रवण कुमार लगातार जनहित के मुद्दों को सदन में उठाते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने तारांकित प्रश्न संख्या 1538 के माध्यम से सरकार से नीति की स्थिति और लागू करने की समयसीमा के बारे में जानकारी मांगी थी।

अब सिफारिश नहीं, व्यवस्था आधारित प्रक्रिया

सरकार के अनुसार अब तबादलों के लिए इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा एक विस्तृत पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया संचालित होगी।

  • आवेदन अवधि: इच्छुक कार्मिक प्रत्येक वर्ष 1 फरवरी से 28 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे।

  • विचार प्रक्रिया: 1 मार्च से 31 मार्च तक आवेदनों पर विचार किया जाएगा।

  • आदेश जारी: स्थानांतरण आदेश अधिकतम 30 अप्रैल तक जारी कर दिए जाएंगे।

प्राथमिकता के लिए अंक प्रणाली

तबादलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अंक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसमें निम्न श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाएगी—

  • विशेष श्रेणी: दिव्यांगजन, विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला एवं शहीद के आश्रित

  • गंभीर बीमारी: कैंसर, गुर्दा प्रत्यारोपण और हृदय शल्यक्रिया जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित कार्मिक या उनके परिजन

  • दूरस्थ क्षेत्र सेवा: दूरस्थ जिलों में निर्धारित अवधि तक सेवा देने वाले कार्मिक

नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विभाग निर्धारित दिशा-निर्देशों के विरुद्ध तबादले करता है, तो ऐसे आदेश निरस्त किए जाएंगे और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी भी कार्मिक का तबादला उसके वर्तमान पद पर न्यूनतम दो वर्ष की सेवा पूर्ण होने के बाद ही किया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था से राज्य के लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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