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गोन्दुसर में 10 साल से गहराया जल संकट:ग्रामीण 800 रुपए में टैंकर खरीदने को मजबूर, चारों ट्यूबवेल बंद, बोले- 20 दिन में 1 घंटे आपूर्ति


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गोन्दुसर में 10 साल से गहराया जल संकट:ग्रामीण 800 रुपए में टैंकर खरीदने को मजबूर, चारों ट्यूबवेल बंद, बोले- 20 दिन में 1 घंटे आपूर्ति

गोन्दुसर में 10 साल से गहराया जल संकट:ग्रामीण 800 रुपए में टैंकर खरीदने को मजबूर, चारों ट्यूबवेल बंद, बोले- 20 दिन में 1 घंटे आपूर्ति

सांडवा : गोन्दुसर गांव के ग्रामीण पिछले 10 सालों से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोग 800 रुपए में पानी का टैंकर खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। टैंकर आते ही पानी भरने के लिए अफरातफरी मच जाती है।

चार में से एक भी ट्यूबवेल चालू नहीं

करणी सेना के पूर्व जिला अध्यक्ष शिवदयाल सिंह राठौड़ ने बताया कि गांव में पानी की आपूर्ति के लिए चार ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं, लेकिन उनमें से एक भी चालू नहीं है। तीन ट्यूबवेल गांव में और एक गोशाला में बंद पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसारव गोशाला का ट्यूबवेल पांच साल से खराब है, जिससे संकट और गहरा गया है। मोटर-पंप बदलने के बावजूद पानी नहीं निकल रहा है।

20 दिन में 1 घंटे पानी की आपूर्ति

क्षेत्र में भूजल स्तर लगभग 800 फीट से नीचे चला गया है। ग्रामीणों का कहना है कि 1500 फीट की खुदाई के बिना पानी मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि ‘आपणी योजना’ पूरी तरह विफल रही है। इसके तहत 20 दिनों में केवल आधे से एक घंटे के लिए पानी की आपूर्ति होती है, वह भी इतनी कम मात्रा में कि घरों तक नहीं पहुंच पाती।

गोन्दुसर, भौम गोन्दुसर और नारनौतन गोन्दुसर की लगभग 6 हजार आबादी के लिए रोजाना करीब 15 टैंकर पानी मंगवाना पड़ता है, जिस पर लगभग 12 हजार रुपए का खर्च आता है। गोशाला के 500 पशुओं के लिए दो टैंकर और स्कूल के 700 स्टूडेंट्स के लिए एक टैंकर अलग से मंगाया जाता है।

ग्रामीण बोले- समस्या पर कई बार दिए ज्ञापन

ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि पीएचईडी के अधिकारी दो ट्यूबवेलों के मोटर-पंप और केबल निकालकर ले गए हैं। जल संकट से परेशान ग्रामीण कई बार सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। पानी किल्लत से परेशान होकर ग्रामीणों ने गुवाड़ में विरोध जताया।

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