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संस्कृत विद्यालयों में 6,142 पद रिक्त, शिक्षण व्यवस्था पर संकट


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संस्कृत विद्यालयों में 6,142 पद रिक्त, शिक्षण व्यवस्था पर संकट

शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी, नए विषयों व छात्रावास पर सरकार की कोई ठोस योजना नहीं

जयपुर : राजस्थान में संस्कृत शिक्षा की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों और मंत्रालयिक कर्मचारियों के हजारों पद वर्षों से खाली पड़े हैं। यह तथ्य 16वीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में अतारांकित प्रश्न संख्या 1249 के जवाब में सामने आया, जिसे विधायक बालमुकुंदाचार्य ने उठाया था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार संस्कृत विद्यालयों में कुल 14,190 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 6,142 पद वर्तमान में रिक्त हैं। यानी करीब 43 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है।

शिक्षकों के हजारों पद खाली

अध्यापक लेवल-1 के 3,587 स्वीकृत पदों में से 931 पद रिक्त हैं, जबकि अध्यापक लेवल-2 के 3,627 पदों में से 2,598 पद खाली हैं। वरिष्ठ अध्यापक के 3,064 पदों में 525 पद रिक्त हैं। वहीं लेक्चरर (प्राध्यापक) के 1,240 पदों में से 336 पद खाली हैं, जिससे उच्च कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

प्रधानाचार्य (वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय) के 496 पदों में से 284 पद रिक्त हैं। शारीरिक शिक्षा अध्यापक के 213 में से 173 पद खाली हैं। प्रयोगशाला सहायकों के 54 पदों में से 22 रिक्त हैं।

प्रशासनिक स्टाफ की भी भारी कमी

विद्यालयों में प्रशासनिक और सहायक स्टाफ की स्थिति भी गंभीर है। कनिष्ठ सहायक के 390 पदों में से 241 रिक्त हैं, वरिष्ठ सहायक के 211 पदों में से 59 खाली हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 616 पदों में से 523 पद रिक्त होने से विद्यालयों का दैनिक संचालन भी प्रभावित हो रहा है।

छात्रावास व नए विषयों पर निराशा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिला स्तर पर संस्कृत विद्यालयों में छात्रावास खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वर्तमान में छात्रावास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से संचालित हो रहे हैं।

इसके अलावा संस्कृत विद्यालयों में आयुर्वेद विषय को पुनः शुरू करने संबंधी किसी प्रस्ताव से भी सरकार ने इनकार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू कर बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ नहीं की गईं, तो संस्कृत शिक्षा के प्रति छात्रों का रुझान और कम हो सकता है।

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