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किसानों की आवाज फिर संसद में गूंजी


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

किसानों की आवाज फिर संसद में गूंजी

सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाए : बृजेंद्र सिंह ओला

झुंझुनूं : झुंझुनूं से सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने एक बार फिर किसानों के हितों का मुद्दा संसद में मजबूती से उठाया। उन्होंने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से किसानों की संपूर्ण फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे जाने की मांग की।

सांसद ओला ने कहा कि यह अत्यंत विडंबनापूर्ण स्थिति है कि देश में ई-एनएएम (e-NAM) प्लेटफॉर्म पर 200 से अधिक कृषि उत्पादों का व्यापार हो रहा है, लेकिन खरीफ और रबी की फसलों में एमएसपी आज भी मात्र 22 अधिसूचित फसलों तक सीमित है। इससे स्पष्ट है कि एमएसपी का लाभ केवल कुछ चुनिंदा फसलों और सीमित किसानों तक ही सिमट कर रह गया है, जबकि देश का अधिकांश किसान वर्ग इससे वंचित है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे कृषि विविधता वाले राज्य में कई प्रमुख और क्षेत्रीय फसलें आज भी एमएसपी के दायरे से बाहर हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार न तो एमएसपी के विस्तार को लेकर कोई ठोस रोडमैप प्रस्तुत कर रही है और न ही कोई स्पष्ट समय-सीमा तय कर पा रही है। यह स्थिति किसानों के प्रति सरकार की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सांसद ओला ने सरकार के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार यह कहती रही है कि एमएसपी के तहत हुई खरीद से राजस्थान सहित दौसा और झुंझुनूं जैसे संसदीय क्षेत्रों के किसानों को लाभ मिला है, लेकिन सरकार यह बताने में विफल रही है कि कुल किसानों में से वास्तव में कितने प्रतिशत किसानों को इसका सीधा लाभ मिला। न तो कोई पारदर्शी आंकड़े सामने रखे गए हैं और न ही ज़मीनी सच्चाई उजागर की गई है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एमएसपी को केवल कागज़ी घोषणा तक सीमित रखने से किसानों का भला नहीं हो सकता। जब तक एमएसपी को कानूनी और प्रभावी गारंटी नहीं दी जाएगी, तब तक सरकार के सभी दावे खोखले साबित होते रहेंगे।

सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने कहा कि जब तक हर किसान और उसकी पूरी फसल को एमएसपी का वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा, तब तक सरकार आंकड़ों और प्रचार के जरिए सच्चाई को छिपाने का प्रयास करती रहेगी।

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