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जोरावरनगर के लाल ने दी प्राणों की आहुति, अग्निवीर करणसिंह राठौड़ ड्यूटी के दौरान शहीद


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जोरावरनगर के लाल ने दी प्राणों की आहुति, अग्निवीर करणसिंह राठौड़ ड्यूटी के दौरान शहीद

सिलीगुड़ी में थी तैनाती, गांव में शोक की लहर; कल सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

श्रीमाधोपुर : श्रीमाधोपुर क्षेत्र के जोरावरनगर कंचनपुर निवासी अग्निवीर करणसिंह राठौड़ का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। मां भारती की सेवा में तैनात करणसिंह के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है और माहौल गमगीन बना हुआ है।

परिजनों ने बताया कि अग्निवीर करणसिंह राठौड़ की तैनाती सिलीगुड़ी (बागडौगरा) में थी। परिवार के भाई चतर सिंह राठौड़ ने बताया कि 1 फरवरी की शाम को असम से आर्मी के वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें ड्यूटी के दौरान करणसिंह के निधन की सूचना दी गई।

मां से आखिरी बातचीत के 3 घंटे बाद आई दुखद खबर

परिजनों ने बताया कि निधन से कुछ समय पहले करणसिंह ने अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि “ड्यूटी करके आ गया हूं, अब खाना खाऊंगा।” 
करीब तीन घंटे बाद जब उनके निधन की सूचना मिली, तो पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। घर की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।

आज श्रीमाधोपुर पहुंचेगी पार्थिव देह

अग्निवीर करणसिंह राठौड़ की पार्थिव देह सिलीगुड़ी से दिल्ली लाई गई है। आज शाम दिल्ली से विमान द्वारा जयपुर सैन्य अस्पताल पहुंचेगी, इसके बाद सड़क मार्ग से पुलिस थाना श्रीमाधोपुर लाई जाएगी।

तिरंगा रैली, फिर राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार

शहीद अग्निवीर करणसिंह राठौड़ के सम्मान में तिरंगा रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद राठौड़ों की ढाणी में पूरे सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दिसंबर 2022 में भर्ती हुए थे

शहीद अग्निवीर करण सिंह का पार्थिव शरीर सिलीगुड़ी से दिल्ली और फिर सैन्य अस्पताल जयपुर पहुंचेगा। कल सुबह पार्थिव शरीर पुलिस थाना श्रीमाधोपुर लाया जाएगा, जहां से तिरंगा रैली के साथ उन्हें ससम्मान कंचनपुर लाया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।

देशसेवा से जुड़ा है पूरा परिवार

परिजनों ने बताया कि करणसिंह का पूरा परिवार देश सेवा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब 10 साल पहले सेना से रिटायर हुए थे। करणसिंह के दोनों चाचा भी सेना में हैं। उनकी बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल में हैं। करणसिंह की अभी तक शादी नहीं हुई थी। 25 दिसंबर 2004 को जन्मे करण सिंह मात्र 22 वर्ष की आयु में देश के लिए शहीद हो गए। करीब 3 साल 10 महीने पहले अग्निवीर में भर्ती हुए थे।

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