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जिला प्रशासन झूठे मुकदमे दर्ज कर डराने का प्रयास कर रहा है


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जिला प्रशासन झूठे मुकदमे दर्ज कर डराने का प्रयास कर रहा है

जिला प्रशासन झूठे मुकदमे दर्ज कर डराने का प्रयास कर रहा है

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मुकेश सिंह

गुढ़ागौड़जी : ग्राम हुकुमपुरा, बामलास, खेदड़ों की ढाणी एवं खरबासों की ढाणी क्षेत्रों मेंभी लंबे समय से जारी अवैध खनन के विरोध में चल रहा शांतिपूर्ण धरना आज 30वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर तहसीलदार, गुढ़ागौड़जी द्वारा समन नोटिस चस्पा किए गए।

धरनार्थी एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने बताया कि धरने का उद्देश्य किसी भी प्रकार से शांति भंग करना नहीं, बल्कि संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा जारी नोटिस तथ्यहीन, आधारहीन एवं विधि-विरुद्ध हैं। स्थानीय तहसीलदार अपने पद पर रहते हुए न्याय के सिद्धांतों के विपरीत कार्य कर रहे हैं।

जयन्त मूण्ड ने आरोप लगाया कि कन्वर्ज़न मामलों में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। मोटी कमीशन लेकर प्रभावित राजस्व अभिलेखों की रजिस्ट्रियां करवाई जा रही हैं, जबकि संबंधित अधिकारी भूमिधारी हितों की रक्षा के लिए उत्तरदायी हैं। इसके अतिरिक्त अवैध खनन माफियाओं से मिलीभगत कर सक्षम जांच के स्थान पर उच्चाधिकारियों को भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को शांति भंग करार देना न्याय के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है।

उन्होंने बताया कि ग्राम बामलास, हुकुमपुरा, खेदड़ों की ढाणी एवं खरबासों की ढाणी क्षेत्रों में सैकड़ों मकानों में दरारें आ चुकी हैं, दो दर्जन से अधिक कुओं की मोटरें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं माननीय एनजीटी (NGT) की गाइडलाइंस का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। गौचर भूमि पर अवैध रूप से खनन सामग्री डाली जा रही है।

धरनार्थियों के विरुद्ध शांति भंग की इतल्ला तथा BNS की धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही को उन्होंने पूर्णतः दुर्भावनापूर्ण, असंवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

आज धरने को 30 दिन पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन अब तक न तो कोई सक्षम अधिकारी मौके पर पहुंचा है और न ही अवैध खनन के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई की गई है।

धरने में कैप्टन विनोद सिंह, पवन सिंह, फूलचंद मेघवाल, आनंद सिंह, बनवारी लाल सैनी, रामजी लाल सोहु, पूरनमल मेघवाल, सुरेन्द्र सिंह, विद्याधर सिंह, सवाई सिंह, प्रदीप कांटीवाल, दारासिंह मेघवाल (पूर्व सरपंच, गुढ़ा बावनी), संदीप कुमार मीणा, राजबाला मीणा, सुमन देवी, चुकी देवी, शिमला सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

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