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चूरू में स्वच्छता की हकीकत उजागर, शहीद भगत सिंह युवा क्रांतिकारी मंच ने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन


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चूरू में स्वच्छता की हकीकत उजागर, शहीद भगत सिंह युवा क्रांतिकारी मंच ने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

चूरू में स्वच्छता की हकीकत उजागर, शहीद भगत सिंह युवा क्रांतिकारी मंच ने प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान

चुरू : जिला मुख्यालय पर शहीद भगत सिंह युवा क्रांतिकारी मंच राजस्थान, जिला चूरू द्वारा सोमवार को शहर की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर प्रभारी मंत्री, राजस्थान सरकार, जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला कलेक्टर में बैठक के दोरान सोपा ज्ञापन। संगठन ने आरोप लगाया कि चूरू नगर परिषद केवल कागजों में स्वच्छता के दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह इसके विपरीत है। संगठन संयोजक राजेश चौधरी ने बताया कि चूरू शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अस्पताल परिसरों में महिला एवं पुरुष सार्वजनिक शौचालयों की भारी कमी है।

विशेष रूप से महिला शौचालयों का अभाव महिला सम्मान और अस्मिता पर सीधा हमला है, बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। संगठन ने सवाल उठाया कि वर्ष 2025 में चूरू नगर परिषद को स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश में सातवीं रैंक और ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेट कैसे दिया गया, जबकि आज भी नगर परिषद क्षेत्र में लोग शौचालयों के अभाव में खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इससे यह संदेह गहराता है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए कार्य वास्तविक हैं या केवल कागजों में पूरे दिखाए गए हैं।

ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया कि राजकीय डीबी जिला अस्पताल, चूरू में नगर परिषद द्वारा सामान्य कचरे का नियमित निस्तारण नहीं किया जा रहा जिसके कारण अस्पताल परिसर में कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं। यह कचरा अब संक्रामक बायो-वेस्ट में बदल रहा है जिससे मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल स्टाफ के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।शहीद भगत सिंह युवा क्रांतिकारी मंच ने मांग की कि-शहर में तत्काल पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए, डीबी अस्पताल से कचरे का नियमित एवं वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मिले बजट, ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेशन और सातवीं रैंक की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई‌ तो जनआंदोलन,धरना-प्रदर्शन और उग्र संघर्ष किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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