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अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने दिया कलेक्ट्रेट पर धरना:बोले- ‘ब्लास्टिंग से मकानों की नींव हिल रही’, उग्र-आंदोलन की दी चेतावनी


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उदयपुरवाटीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने दिया कलेक्ट्रेट पर धरना:बोले- ‘ब्लास्टिंग से मकानों की नींव हिल रही’, उग्र-आंदोलन की दी चेतावनी

अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने दिया कलेक्ट्रेट पर धरना:बोले- ‘ब्लास्टिंग से मकानों की नींव हिल रही’, उग्र-आंदोलन की दी चेतावनी

झुंझुनूं : उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में अवैध खनन और भारी ब्लास्टिंग के विरोध में सोमवार को ग्रामीण झुंझुनूं जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर कार्रवाई नहीं होने और मिलीभगत के आरोप लगाते हुए धरना दिया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर जताया विरोध

बामलास, हुकुमपुरा, खेदड़ो और खरबासों की ढाणी के सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन पर अवैध खनन को लेकर अनदेखी करने और शिकायतों पर सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए। कलेक्ट्रेट के बाहर धरना देकर नारेबाजी की गई और कार्रवाई की मांग रखी गई।

प्रशासन की उदासीनता पर सवाल

मरुसेना फाउंडेशन के एडवोकेट जयंत मूंड ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का रवैया गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध खनन पर तुरंत रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से ज्ञापन देने और आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।

ब्लास्टिंग से मकानों को नुकसान

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि खनन पट्टा धारक आवंटित क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध खनन कर रहे हैं। इंडस्ट्रियल रॉक्स के नाम पर की जा रही भारी ब्लास्टिंग से करीब 1500 मीटर के दायरे में स्थित मकानों की नींव हिल गई है और दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं। प्रभावित परिवारों का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की गई है।

गौचर और श्मशान भूमि पर अतिक्रमण का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि रसूखदार लीज धारकों ने नियमों को नजरअंदाज कर गौचर भूमि पर अवैध स्टॉक यार्ड बनाए हैं और श्रमिकों के लिए पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। ग्रामीणों ने श्मशान भूमि पर भी अतिक्रमण होने की शिकायत की और कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पर्यावरण को हो रहे नुकसान की शिकायत

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि खनन के कारण हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं और NGT के निर्देशों के अनुसार नए पौधारोपण नहीं किए गए। भारी ब्लास्टिंग से भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। जल संरक्षण के लिए बने डैम नष्ट हो गए हैं और खनन से उड़ने वाली धूल खेतों और पेड़ों पर जमने से फसलें प्रभावित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री और लोकायुक्त को भेजी प्रतिलिपि

ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मुख्य सचिव, लोकायुक्त और राष्ट्रीय हरित अधिकरण भोपाल को भी भेजी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर निष्पक्ष जांच नहीं की गई और अवैध खनन पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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