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रामपुरा बेरी में किसानों का रेल रोको अल्टीमेटम:अंडरपास की मांग पर 26 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी


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रामपुरा बेरी में किसानों का रेल रोको अल्टीमेटम:अंडरपास की मांग पर 26 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी

रामपुरा बेरी में किसानों का रेल रोको अल्टीमेटम:अंडरपास की मांग पर 26 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी

सादुलपुर : रामपुरा बेरी रेलवे स्टेशन पर ब्रॉडगेज लाइन के कारण बंद हुए 160 वर्ष पुराने पारंपरिक रास्ते को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने पोल नंबर 193/7-8 पर अंडरपास ब्रिज के निर्माण की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 26 जनवरी 2026 तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो गणतंत्र दिवस से अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2008 में ब्रॉडगेज लाइन बिछने के बाद से यह रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। इस कारण लगभग 200 किसान परिवार और खेतों में रह रहे 45 परिवार प्रभावित हुए हैं। रास्ता बंद होने से किसानों को खेती-किसानी, सिंचाई, बुवाई और फसल को मंडी तक ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, बच्चों का स्कूल जाना और बीमारों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो गया है।

किसानों का कहना है कि पिछले 18 वर्षों में उन्होंने कई बार सांसदों, विधायकों और अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया है।

ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट किया कि वे रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या यात्रियों को परेशान करना नहीं चाहते, लेकिन उन्हें मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2013 में भी ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था, जिससे तीन दिन तक रेल यातायात प्रभावित रहा था।

ग्रामीणों ने कहा कि सरकार के पास अभी भी लगभग 20 दिन का समय है। यदि इस अवधि में अंडरपास ब्रिज की लिखित स्वीकृति नहीं मिली, तो आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और रेल प्रशासन की होगी। इस ज्ञापन पर भुरेन्द्र, किशनलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसानों के हस्ताक्षर हैं।

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