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चूरू चोलाव कुआं पर हुआ कार्यक्रम : संगीत संगम के मंच पर कलाकारो ने बिखेरी स्वर लहरिया


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चूरू चोलाव कुआं पर हुआ कार्यक्रम : संगीत संगम के मंच पर कलाकारो ने बिखेरी स्वर लहरिया

चूरू चोलाव कुआं पर हुआ कार्यक्रम : संगीत संगम के मंच पर कलाकारो ने बिखेरी स्वर लहरिया

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला मुख्यालय पर स्थानीय चौलाव कुआ के पास स्थित संगीत संगम के संगीतिय कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारो ने एक से बढ़कर एक फिल्मी गायक कलाकारो के गीतो को अपनी आवाज देकर श्रोताओं को झुमने पर मजबूर कर दिया।

सरस्वती वंदना एवम् डूंगरगढ़ के कलाकार राजू कुमार के गाये गणेष वंदना के साथ प्रारंभ हुवे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्व नेत्र विषेषज्ञ डॉ शषिधर शर्मा एवम् कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. के.सी.सोनी एवम् राजकुमार शर्मा मचस्थ रहे। कार्यक्रम में संगीत संगम की 6ठी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में संगीत संगम के डायरेक्टर अजय भालेरीवाला ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुऐ कहा कि संगीत संगम संस्था का गठन यहां की प्रतिभाओं को मंच देने एवम् उन्हे संगीत को व्यवसाय के रूप में अपनाने के उदेष्य से किया गया है।

इस अवसर पर चूरू के जाने माने संगीत निर्देषक राजेन्द्र चौबे ने संगीत संगम के उदेष्य की चर्चा करते हुऐ बताया कि इस मंच का गठन संगीत की प्रतिभाओं को तराषना है। कार्यक्रम में प्रो. के.सी.सोनी ने वो शाम कुछ अजीब थी। रजनी और पूनम प्रजापत ने कजरा मोहबत वाला, नदीम जर्रा ने हम बेवफा हरगीज ना थे, जगदीष खेड़ीवाल ने बीते हुऐ लम्हो, सानू खांन ने दिन ढल जाये,राजकुमार शर्मा ने तेरे चेहरे से, विजयकांत शर्मा ने मेरी भीगी भीगी सी, चिमनाराम ने तेरे नेना, रवि दाधीच ने एक प्यार का नगमा, लालचंद सेनी ने हमने तुमको प्यार, अजय भालेरीवाला ने दिल तो पागल है, मेरे ढोलना, डॉ शषिधर शर्मा ने हाल क्या है, गीतो को जब प्रस्तुत किया तो वातारण संगीत से सराबोर हो गया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यो ने केक काटकर संस्था की वर्षगांठ मनाई।

इस अवसर पर बोलते हुऐ डॉ शषिधर शर्मा ने कहा कि संगीत एक ऐसी विधा है जिससे जीवन में उमंग पैदा होती है। संगीत प्रेमी व्यक्ति मन से स्वच्छ होता है और उसके मन में स्वभावतः ही प्रेम और अपनत्व की भावना होती है।इस अवसर पर बोलते हुऐ प्रो. के.सी.सोनी ने कहा कि संगीत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक भाव पैदा करता है और सकारात्मक भाव व्यक्ति को एक श्रेष्ठ मानव बनाता है। कार्यक्रम का संचालन रवि दाधीच ने किया। इस अवसर पर मोहन भालेरीवाला, सुरेन्द्र सिंह, रोहिताष, गोविन्द, भजनलाल, धनष्याम भालेरीवाला, प्रथम भालेरीवाला, नेहा, इमरान, रोहित, दीपक रक्षक, आदिल एवम् सुमन देवी सहित अनेक श्रोता उपस्थित रहे।

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