झुंझुनूं में मेडिकल वेस्ट को लेकर प्रदर्शन:बोले- महामारी फैलाने का मामला दर्ज हो; संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन
झुंझुनूं में मेडिकल वेस्ट को लेकर प्रदर्शन:बोले- महामारी फैलाने का मामला दर्ज हो; संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन
झुंझुनूं : झुंझुनूं शहर में बढ़ते बायो मेडिकल वेस्ट के गलत निस्तारण को लेकर अब लोगों का आक्रोश सड़कों पर नजर आने लगा है। गुरुवार को बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण संघर्ष समिति ने जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और बीडीके अस्पताल प्रशासन, नगर परिषद तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बीडीके अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण तय मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा। संक्रमित वेस्ट को खुले में फेंकने या साधारण कचरे के साथ मिलाने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
आरोपी प्रदर्शनकारियों को धमकी दी जा रही
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं और शिकायत करने पर कार्रवाई के बजाय प्रदर्शनकारियों को पुलिस कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। संघर्ष समिति के संयोजक महिपाल पूनिया ने कहा कि बीडीके अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीजों का इलाज होता है, लेकिन अस्पताल में वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था बेहद लचर है। इस्तेमाल की गई सिरिंज, पट्टियां, ग्लव्स और अन्य संक्रमित सामग्री को सुरक्षित रूप से निस्तारित करने के बजाय खुले में फेंक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल अस्पताल स्टाफ के लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए महामारी का खतरा बन चुकी है।
महिपाल पूनिया ने बताया कि समिति पिछले छह महीनों से इस मुद्दे पर आवाज उठा रही है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। उल्टा समिति के सदस्यों को राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा- हमारी मांग है कि समस्या का समाधान किया जाए, लेकिन प्रशासन उल्टा हमें ही दोषी ठहराने में जुटा है।

महामारी फैलाने का मामला दर्ज किया जाए
प्रदर्शन के बाद समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि नगर परिषद आयुक्त, बीडीके अस्पताल के पीएमओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और वेस्ट निस्तारण कंपनी के खिलाफ महामारी फैलाने का मामला दर्ज किया जाए। समिति ने कहा कि जिन संस्थानों ने बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के नाम पर बड़ी राशि ली है, उनसे राशि की रिकवरी की जाए और दोषियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए।
प्रदर्शन में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चौधरी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करे कि सभी अस्पताल और क्लीनिक बायो मेडिकल वेस्ट रूल्स 2016 का पालन कर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि यदि यह स्थिति बनी रही तो शहर में गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।
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