[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सोलाना-भड़ौंदा नदी क्षेत्र में भीषण आग:5 घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने पाया काबू, सैकड़ों पेड़-पौधे जले


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चिड़ावाझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

सोलाना-भड़ौंदा नदी क्षेत्र में भीषण आग:5 घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने पाया काबू, सैकड़ों पेड़-पौधे जले

सोलाना-भड़ौंदा नदी क्षेत्र में भीषण आग:5 घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने पाया काबू, सैकड़ों पेड़-पौधे जले

चिड़ावा : चिड़ावा के सोलाना और भड़ौंदा के बीच स्थित नदी क्षेत्र में मंगलवार को दोपहर में अचानक आग लग गई। आग कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम काबू हो सकी। नदी क्षेत्र में उगे कुंचों से धुएं का गुबार देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

आग की सूचना मिलते ही चिड़ावा और बगड़ से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, नदी क्षेत्र का रास्ता उबड़-खाबड़ और कच्चा होने के कारण दमकल की गाड़ियों को प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। बगड़ की दमकल को वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन की मदद से मिट्टी डालकर आग को बुझाने का प्रयास किया। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में मदद की। चिड़ावा की दमकल से भी आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए।

करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से सैकड़ों बीघा जमीन में उगे पेड़-पौधे, घास-फूस और पक्षी जल गए। नदी क्षेत्र में आबादी न होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। कुंचों और घास-फूस के कारण आग तेजी से फैली थी। ग्रामीणों ने पहले खुद मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। जब आग ने विकराल रूप ले लिया, तब फायर ब्रिगेड और वन विभाग को सूचना दी गई। वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति सोलाना के अध्यक्ष मोहरसिंह सोलाना ने बताया कि आग से हजारों पेड़-पौधे जल गए।

50 हैक्टेयर में लगाए थे पौधे-

सोलाना वन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों के सहयोग से करीब 50 हैक्टेयर में हजारों पेड़-पौधे लगाए गए थे। जो कि मंगलवार को आग की भेंट चढ़ गए। वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति सोलाना के अध्यक्ष मोहरसिंह सोलाना ने बताया कि सार्वजनिक जगह पर करीब 26 हजार पेड़-पौधे लगाए गए थे। जिसमें से करीब 20 हजार से ज्यादा जल गए। उन्होंने बताया कि आग के विकराल रूप लेने के बावजूद बाढ़-आग से निबटने के लिए गठित फोर्स को नहीं भेजा गया। बगड़, झुंझुनूं से पहुंची दमकल की गाड़ी भी सड़क से नीचे नहीं उतर सकी। आग को बुझाने में ओकेश दिवाच, ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार, एलडीसी राकेश बराला, गार्ड सहीराम पूनियां, चिड़ावा दमल से नरेश राव, विकास लमोरिया, अरविंद दहिया ने सहयोग दिया। वहीं ईंट-भट्टा संचालक हरेंद्र धनखड़ ने जेसीबी मशीन उपलब्ध करवाई।

जले 21 हजार पौधे

चिड़ावा वन विभाग के वनरक्षक प्रकाश आनंद बुडानिया ने बताया की नदी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा 21 हजार 600 पेड़-पौधे लगाए गए थे। उनमें से अधिकतर पेड़-पौधे जलकर राख हो गए हैं। वन विभाग की टीम से रेंजर सुमन कुमारी, वनपाल मुकेश नूनियां, वनरक्षक प्रकाश आनंद बुडानिया ने भी आग पर काबू पाने में सहयोग दिया।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77