कान्हा पहाड़ी पर खनन के खिलाफ प्रदर्शन:पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, अनिश्चितकालीन धरना शुरू
कान्हा पहाड़ी पर खनन के खिलाफ प्रदर्शन:पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, अनिश्चितकालीन धरना शुरू
झुंझुनूं : समस तालाब के निकट कान्हा पहाड़ी में खनन कार्य और ब्लास्टिंग को लेकर विरोध तेज हो गया है। क्षेत्र के सैकड़ों लोग धरने पर बैठे हैं, वहीं पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह खनन पूरी तरह बंद होना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से स्थानीय लोगों की जान जोखिम में है।
भूकंप जैसा एहसास कराती है हर दिन की ब्लास्टिंग
धरने पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि खनन से उनके जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है। जब ब्लास्टिंग होती है तो ऐसा लगता है जैसे भूकंप आ गया हो। कंपन के कारण घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं और लोग हर समय दहशत में रहते हैं। ब्लास्टिंग का प्रभाव करीब एक किलोमीटर के दायरे में महसूस किया जाता है।
खनन के कारण हो चुकी हैं कई मौतें
पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने धरने को संबोधित करते हुए हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चार दिन पहले सिकंदर नाम के युवक की पत्थर लगने से मौत हो गई थी। उसकी लाश को छिपा दिया, लेकिन जब शव से बदबू आने लगी, तब लोगों को उसकी मौत का पता चला। प्रशासन ने परिजनों पर दबाव डालकर अंतिम संस्कार करवा दिया, लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
गुढ़ा ने यह भी आरोप लगाया कि पहाड़ी में बने पानी से भरे गड्ढों में पहले भी आठ बच्चों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके, प्रशासन ने अब तक खनन माफिया के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
हजारों घरों को खतरा, प्रशासन से कई बार की गई शिकायत
धरने पर मौजूद लोगों ने बताया कि इलाके में हजारों घरों में दरारें आ गई हैं, जिससे मकान गिरने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर बार खनन माफिया पैसे देकर मामले को रफा-दफा कर देता है।
गुढ़ा ने सरकार और प्रशासन पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल कागजों में कार्रवाई दिखाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि पैसे लेकर अवैध खनन को चालू रखा गया है।
कान्हा पहाड़ी बनी छावनी, गुढ़ा ने खुद लगाया टेंट
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस बल की भारी तैनाती कर दी गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। धरने के दौरान टेंट लगाने को लेकर प्रशासन और गुढ़ा के बीच बहस भी हो गई। जब प्रशासन ने टेंट लगाने से रोका तो गुढ़ा ने खुद अपने हाथों से टेंट लगाया और कहा कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार खनन बंद करने का आदेश नहीं देती।
अनिश्चितकालीन धरना शुरू, खनन बंद होने तक नहीं हटेंगे प्रदर्शनकारी
गुढ़ा ने यह ऐलान कर दिया है कि वे अब पीछे नहीं हटेंगे। अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत हो चुकी है और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि खनन को पूरी तरह बंद किया जाए, पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
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