[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

खेतड़ी के त्यौंदा को 15 दिन से नहीं मिला पानी:ग्रामीणों ने जलदाय कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, बोले- पैसे देकर मंगवाना पड़ रहा वाटर टैंक


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

खेतड़ी के त्यौंदा को 15 दिन से नहीं मिला पानी:ग्रामीणों ने जलदाय कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, बोले- पैसे देकर मंगवाना पड़ रहा वाटर टैंक

खेतड़ी के त्यौंदा को 15 दिन से नहीं मिला पानी:ग्रामीणों ने जलदाय कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, बोले- पैसे देकर मंगवाना पड़ रहा वाटर टैंक

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के त्यौंदा गांव में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने नानूवाली बावड़ी स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने खाली मटके लेकर पिछले 15 दिनों से पानी की आपूर्ति न होने की समस्या को अधिकारियों के सामने रखा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो माह से गांव में पेयजल की किल्लत बनी हुई है, और पिछले 15 दिनों से तो बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है।

इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण तीन वाहनों में भरकर खेतड़ी आए और जलदाय विभाग के परियोजना कार्यालय गोठड़ा में गए। वहां अधिशाषी अभियंता की अनुपस्थिति में वे नानूवाली बावड़ी स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय पहुंचे और खाली मटके रखकर प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक बड़ी टंकी है, जिसे पहले पीएचईडी की दो मोटरों से भरा जाता था, लेकिन कुंभाराम जल योजना का पानी शुरू होने के बाद से दोनों मोटर बंद पड़ी हैं, जबकि ट्यूबवेल में पर्याप्त पानी मौजूद है। पेयजल की समस्या के कारण महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, और टैंकरों का उपयोग करने से आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की मांग की। इस संबंध में एक्सईएन गंगाराम मोर्य ने बताया कि पहले खेतड़ी को कुंभाराम जल योजना का 28 एमएलडी पानी मिलता था, लेकिन अब केवल 20 एमएलडी पानी मिल रहा है। पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है, और पानी की मात्रा बढ़ते ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

इस प्रदर्शन में बहादुर सिंह, फूलचंद, मुकेश प्रजापत, प्यारेलाल, जगदीश प्रसाद, बहादुरमल, मुकेश मीणा, सुधा देवी, कृष्णा देवी, अमर चंद, मंजू देवी, संतरा देवी, लक्ष्मी देवी, सुनीता देवी, शांति देवी सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल थे।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin