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चंचलनाथ टीले पर 5000 श्रद्धालुओं ने स्टील की थाली में ग्रहण किया महाप्रसाद


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चंचलनाथ टीले पर 5000 श्रद्धालुओं ने स्टील की थाली में ग्रहण किया महाप्रसाद

शिवनाथ महाराज की 74वीं पुण्यतिथि पर शिव महोत्सव, प्लास्टिक मुक्त भंडारे से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

झुंझुनूं : शहर के चंचलनाथ टीले पर मंगलवार को ब्रह्मलीन संत शिवनाथ महाराज की 74वीं पुण्यतिथि पर शिव महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पीठाधीश्वर ओमनाथ महाराज के सानिध्य, संत विचारनाथ महाराज के मार्गदर्शन और मुख्य आयोजक अमरनाथ जांगिड़ के संयोजन में आयोजित महोत्सव में धर्म, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। विशाल भंडारे में करीब 5000 श्रद्धालुओं ने स्टील की थाली और गिलास में महाप्रसाद ग्रहण किया। प्लास्टिक के एकल उपयोग वाले बर्तनों के स्थान पर स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति, कन्या पूजन भी हुआ

महोत्सव के तहत सुबह 9 बजे समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई। इसके बाद कन्या पूजन हुआ। साधु-संतों के लिए विशेष भंडारे का आयोजन कर उन्हें मान-भेंट के साथ सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने संत शिवनाथ महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

5000 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद

दोपहर 12:30 बजे से रात 10 बजे तक चले विशाल भंडारे में शेखावाटी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 5000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मुख्य आयोजक अमरनाथ जांगिड़ की पहल पर स्टील की थाली और गिलास का उपयोग किया गया। इस व्यवस्था से प्लास्टिक कचरा कम करने और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया। आयोजन ने यह प्रेरणा दी कि धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाई जा सकती है।

भजन संध्या में देर रात तक भक्तिमय माहौल

भंडारे के बाद आयोजित विराट भजन संध्या में संतों और स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों की स्वर लहरियों के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में सराबोर रहे। महोत्सव में धार्मिक परंपराओं, संतों के प्रति श्रद्धा और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिली।

संतों और श्रद्धालुओं ने की सहभागिता

महोत्सव में विजयनाथ महाराज, निरंजन नाथ महाराज, अभयनाथ महाराज, राजनाथ महाराज और गणपतनाथ महाराज सहित अनेक संत मौजूद रहे। इनके अलावा नीरज जांगिड़, दीपक जांगिड़, डिंपल जांगिड़, सुभाष खाजपुरिया, महेश टाइपिस्ट, विनोद पुरोहित, ताराचंद सैनी, रामू फोटोग्राफर, फूलाराम सैनी और विमल सैनी सहित शेखावाटी क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

21 अक्टूबर को माता रानी का नगर भ्रमण

महोत्सव के समापन कार्यक्रम के तहत 21 अक्टूबर को सुबह 10 बजे माता रानी की मूर्ति का नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव का विधिवत समापन होगा। चंचलनाथ टीले पर आयोजित इस महोत्सव ने आस्था के साथ सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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