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6 बच्चियों से हैवानियत करने वाले हेडमास्टर को आजीवन कारावास:कोर्ट की टिप्पणी- टीचर होकर शिक्षा के पवित्र मंदिर को कलंकित किया


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6 बच्चियों से हैवानियत करने वाले हेडमास्टर को आजीवन कारावास:कोर्ट की टिप्पणी- टीचर होकर शिक्षा के पवित्र मंदिर को कलंकित किया

6 बच्चियों से हैवानियत करने वाले हेडमास्टर को आजीवन कारावास:कोर्ट की टिप्पणी- टीचर होकर शिक्षा के पवित्र मंदिर को कलंकित किया

डूंगरपुर : डूंगरपुर जिले में एक साल पहले सरकारी स्कूल की 6 बच्चियों से हैवानियत करने वाले हेडमास्टर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा- आरोपी ने एक टीचर होकर अपने ही स्कूल की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म कर शिक्षा के पवित्र मंदिर को कलंकित करने का काम किया है। इसलिए कोर्ट आरोपी हेडमास्टर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (टिल डेथ) की सजा सुनाती है। साथ ही 3.14 लाख रुपए जुर्माना भी लगाती है।

सरकारी वकील योगेश जोशी ने बताया- 31 मई 2023 को सदर थाने में बच्चियों के परिजनों ने मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि 8 से 12 साल की 6 बच्चियां सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं। उसी स्कूल के हेडमास्टर ने उनके साथ हैवानियत की। आरोपी हेडमास्टर बच्चियों को खेलने के बहाने बुलाता था। स्कूल के कमरे में ले जाकर बच्चियों के कपड़े उतार कर उनके साथ हैवानियत करता था। आरोपी छुट्टी के दिन भी बच्चियों को स्कूल बुलाकर हैवानियत करता था। वह कभी-कभी बच्चियों को घर ले जाकर भी उनके साथ गलत काम करता था।

एक बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोट लगने और पेट में दर्द की शिकायत होने पर पूरी घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच कर सबूत जुटाए। कोर्ट में चार्जशीट पेश की। मामले में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के जज ने सुनवाई पूरी करते हुए शुक्रवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी हेडमास्टर को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है।

आरोपी ने एक टीचर होकर अपने ही स्कूल की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म कर शिक्षा के पवित्र मंदिर को कलंकित करने का काम किया है। – स्पेशल पॉक्सो कोर्ट

बच्चियों को मगरमच्छ के सामने फेंकने का डर दिखाता था
बच्चियों ने पुलिस को ये भी बताया था कि हेडमास्टर उनके साथ हैवानियत कर फेल करने की धमकी देता था। जिस वजह से बच्चियां चुप रहती थीं। यही नहीं, उन्हें चॉकलेट और 10-20 रुपए भी देता था। बच्चियों के विरोध करने पर वह उन्हें अपनी लग्जरी कार से घुमाने के बहाने डूंगरपुर गैपसागर झील लाता। यहां पानी में मगरमच्छ के बीच फेंकने की धमकी देता था। डर के कारण बच्चियां अपने परिजन को बताने से भी कतराती थीं।

एक बच्ची के पेट दर्द की शिकायत पर खुली करतूत
हेडमास्टर की हैवानियत से परेशान होकर कई बच्चियों ने स्कूल जाना तक छोड़ दिया था। एक-दो दिन बच्ची के स्कूल नहीं आने पर वह उनके घर पहुंच जाता था। मई 2023 में एक बच्ची ने स्कूल जाने से मना कर दिया। वहीं, उसके पेट दर्द की शिकायत होने लगी। लेकिन, वह परिवार के लोगों से छुपाती रही। मां ने कई बार पूछा तो बच्ची ने हिम्मत जुटाकर हेडमास्टर की करतूत का खुलासा किया। बच्ची ने बताया- हेडमास्टर स्कूल की छुट्टी के बाद या सरकारी छुट्‌टी के बावजूद खेलने के बहाने बुलाकर उनके साथ गलत काम करता है। इस वजह से उसका पेट दर्द कर रहा है। उसके साथ ही कई दूसरी बच्चियों से भी इसी तरह की हरकतें करता है।

FSL ने रिकवर किए थे मोबाइल से डिलीट किए अश्लील फोटो
आरोपी हेडमास्टर ने बच्चियों को घर ले जाकर उनके साथ हैवानियत के फोटो भी खींचे थे। मामला उजागर होने के साथ ही हेडमास्टर ने सभी फोटो मोबाइल से डिलीट कर दिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मोबाइल को बरामद किया था। उसके मोबाइल की FSL जांच करवाई गई, जिसमें बच्चियों के साथ हैवानियत करने वाले फोटो रिकवर किए गए थे।

33 गवाह और 177 दस्तावेज पेश किए
कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 33 गवाह पेश किए गए। 177 दस्तावेज भी कोर्ट के सामने दिए गए। वहीं, 5 आर्टिकल भी प्रस्तुत किए। कोर्ट ने गवाह और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया है।

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