कांग्रेस चुनावी हार का ठीकरा प्रक्रिया पर फोड़ रही है : भवानीशंकर शर्मा
भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के प्रदेश सह प्रभारी पहुंचे झुंझुनूं, एसआईआर को बताया मतदाता सूची दुरुस्त करने की नियमित प्रक्रिया
झुंझुनूं : भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के प्रदेश सह प्रभारी भवानीशंकर शर्मा रविवार को झुंझुनूं दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के देशव्यापी अभियान की जानकारी दी और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर जवाब दिया। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार का ठीकरा चुनाव प्रक्रिया पर फोड़कर देश में भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस बार-बार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाती है, लेकिन उनके अनुसार असम और त्रिपुरा में हाल ही में निकाय चुनाव बैलेट पेपर से हुए और वहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अनुकूल नहीं आने पर प्रक्रिया पर सवाल खड़े करना कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति बन गई है।
कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का दिया उदाहरण
भवानीशंकर शर्मा ने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तमिलनाडु में पार्टी पिछले 59 साल से, पश्चिम बंगाल में 50 साल, उत्तर प्रदेश में 37 साल, बिहार में 36 साल, त्रिपुरा में 33 साल और गुजरात में 31 साल से सत्ता से बाहर है। उन्होंने सिक्किम और झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों के गठन के बाद से कांग्रेस वहां सत्ता में नहीं आई। शर्मा ने सवाल उठाया कि इन राज्यों में कांग्रेस की सत्ता से दूरी का कारण एसआईआर है या पार्टी की अपनी राजनीतिक कमजोरियां। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावी हार के वास्तविक कारणों पर विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
भाजपा नेता ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता चुनाव के समय सक्रिय होते हैं, फिर विदेश चले जाते हैं और लौटकर एसआईआर का मुद्दा उठाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिनसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक वातावरण को लेकर भ्रम पैदा हो।
एसआईआर को बताया नियमित प्रक्रिया
शर्मा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस शासनकाल में 10 बार और अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में एक बार यह प्रक्रिया हुई थी। वर्तमान प्रक्रिया को उन्होंने 12वां विशेष गहन पुनरीक्षण बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से अनुपस्थित और स्थानांतरित हो चुके लोगों के नामों का सत्यापन किया जाता है। इसके साथ ही पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और दोहरी प्रविष्टियों को हटाया जाता है। उन्होंने इसे मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया बताया।
13 करोड़ नाम हटाने के दावे पर आंकड़े रखे
कांग्रेस की ओर से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे पर शर्मा ने अपने संबोधन में आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि जिन नामों को हटाने की बात सामने आई है, उनमें करीब 6.30 करोड़ प्रवासी, 3 करोड़ घर पर अनुपस्थित, 2.80 करोड़ मृत और करीब 1 करोड़ दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाता बताए गए हैं। शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची में एक व्यक्ति का नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज नहीं रहना चाहिए। ऐसे नामों का सत्यापन और आवश्यकतानुसार विलोपन सूची को दुरुस्त करने का हिस्सा है।
5 नवंबर तक चलेगा भाजपा का अभियान
भवानीशंकर शर्मा ने बताया कि भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत अलग-अलग चरणों में पदयात्राएं, पत्रकार वार्ताएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता जिला, विधानसभा और प्रदेश स्तर पर कार्यक्रमों के माध्यम से जनता तक पहुंचेंगे तथा एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों और भ्रांतियों पर भाजपा का पक्ष रखेंगे।
शर्मा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य आमजन को मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी देना और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया।
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