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सांडन के कालिका माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु:अष्टमी पर 50 हजार भक्तों ने किए दर्शन, यहां पांडवों ने अज्ञातवास काटा था


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सांडन के कालिका माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु:अष्टमी पर 50 हजार भक्तों ने किए दर्शन, यहां पांडवों ने अज्ञातवास काटा था

सांडन के कालिका माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु:अष्टमी पर 50 हजार भक्तों ने किए दर्शन, यहां पांडवों ने अज्ञातवास काटा था

सुजानगढ़ : शारदीय नवरात्रा में सुजानगढ़ के प्राचीन सांडन कालिका माताजी मंदिर में अष्टमी के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धोक लगाई। पूरे राजस्थान सहित कई राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन किए। घंटों कतारों में खड़े भक्त माता के जयकारे लगाते नजर आए। इस दौरान श्री कालिका सेवा समिति ने जोरदार व्यवस्थाएं की। पूरे मेले की सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की गई।

महाभारत काल से जुड़ी है मान्यता

समिति अध्यक्ष मदन सिंह ने बताया कि पूरे नवरात्रा के दौरान माता के दरबार में भक्तों के आने का सिलसिला लगा रहता है। अष्टमी के दिन करीब पचास हजार श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं के रहने खाने की व्यवस्थाएं भी की जाती है। सांडन माताजी मंदिर का महाभारत कालीन इतिहास रहा है। यहां पांडवों ने अज्ञातवास काटा था। यहां उस समय का प्राचीन कुंड भी बना हुआ है। पहाड़ी पर स्थित मंदिर की खास बात यह है कि यहां के बड़े बड़े पत्थर गोल आकृति में हैं।

मेहंदी लगाकर लोकगीत गाने की परंपरा

अष्टमी मेले के दौरान महिलाएं मंदिर परिसर में लोकगीत गाते हुए नाखूनों पर मेहंदी लगाती है। महिलाओं ने बताया कि इससे सुख समृद्धि और अच्छे सुहाग की कामना पूरी होती है। समिति के कोषाध्यक्ष पेमाराम बोला, सचिव महावीर पड़िहार, पुजारी दुलीचंद, लूण सिंह, बनवारी ढाका, सांवरमल कुलहरि, ओंकारमल जांगिड़, रामसिंह राठौड़, रूपाराम बुरड़क, रतन सिंह राठौड़, भेभाराम नायक, परतुराम गुर्जर आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।

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