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11 पोशाकों से हुआ मां जीण भवानी का श्रृंगार:जीणमाता धाम में नवरात्र का समापन, नौ दिन में 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन


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11 पोशाकों से हुआ मां जीण भवानी का श्रृंगार:जीणमाता धाम में नवरात्र का समापन, नौ दिन में 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

11 पोशाकों से हुआ मां जीण भवानी का श्रृंगार:जीणमाता धाम में नवरात्र का समापन, नौ दिन में 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रानौली : प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां जीण भवानी के दरबार में शारदीय नवरात्र का समापन महानवमी पर श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। नवरात्र के अंतिम दिन मां जीण भवानी ने मां सिद्धिदात्री के दिव्य स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। नौ दिनों के दौरान करीब 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मंदिर से जुड़े रजत पाराशर, नंदकिशोर पाराशर, अनिल पुजारी, मधुसूदन पुजारी, शंकर पुजारी और नंदू सिंह चौहान ने बताया कि महानवमी पर मां जीण भवानी का विशेष श्रृंगार किया गया। मां को 11 पोशाक धारण करवाकर आकर्षक रूप से सजाया गया।

ये पोशाकें विशेष रूप से नागपुर, जयपुर और दिल्ली से मंगवाई गई थीं। वहीं, विभिन्न स्थानों से मंगवाए गए विशेष फूलों से मां का दरबार सजाया गया। मां के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। मंदिर परिसर दिनभर मां के जयकारों से गूंजता रहा।

मां सिद्धिदात्री की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री भक्तों को सिद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। महानवमी पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। अंतिम दिन भी दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे।

नौ दिन तक धाम में रहा मेले जैसा माहौल

शारदीय नवरात्र के दौरान जीणमाता धाम में लगातार नौ दिन तक मेले जैसा माहौल बना रहा। राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे नवरात्र में मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना और विशेष श्रृंगार किया गया।

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