सीकर में लॉरेंस गैंग से जुड़े युवक को हथियारों के साथ पकड़ा, झारखंड में सटोरिए की हत्या का मिला था टास्क
दो पिस्तौल, चार मैगजीन और 15 कारतूस बरामद; लक्ष्य की जानकारी नहीं मिलने पर सीकर लौट आया था आरोपी
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत
सीकर : कोतवाली थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित रूप से जुड़े एक युवक को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को झारखंड के रांची में एक सटोरिए की हत्या करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, लक्ष्य की लोकेशन नहीं मिलने के कारण वह वारदात को अंजाम दिए बिना सीकर लौट आया। पुलिस ने आरोपी के बैग से दो देसी पिस्तौल, चार मैगजीन और 15 कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम जिला विशेष टीम को सूचना मिली कि नेहरू पार्क के पास एक युवक बैग में हथियार लेकर घूम रहा है। इस पर टीम और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसकी पहचान महेश नायक उर्फ मोंटी (21), निवासी वार्ड 18, नवलगढ़, जिला झुंझुनूं के रूप में हुई। वह सीकर में रंगाई-पुताई का काम करता था और पिपराली रोड स्थित इंदिरा कॉलोनी में किराए पर रह रहा था।
फेसबुक के जरिए गिरोह के संपर्क में आया
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, महेश करीब डेढ़ महीने पहले फेसबुक के माध्यम से विदेश में बैठे लॉरेंस गिरोह के कथित सदस्य रोहित मीणा के संपर्क में आया था। इसके बाद रोहित ने उसे रांची बुलाया। आरोपी 2 अक्टूबर को रांची पहुंचा, जहां गिरोह के एक अन्य सदस्य ने उसे हथियार उपलब्ध कराए। उसे एक सटोरिए पर गोली चलाने का काम सौंपे जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को हथियारों के साथ रुपये भी दिए गए थे, लेकिन उसे लक्ष्य की लोकेशन नहीं मिली। इसके बाद वह 8 अक्टूबर को हथियार लेकर सीकर लौट आया। पुलिस का कहना है कि गिरोह से संपर्क कराने वाले एक अन्य व्यक्ति की भी तलाश की जा रही है।
गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े लोगों और हथियारों की आपूर्ति के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस के अनुसार, रोहित मीणा विदेश में रहकर गिरोह के लिए काम कर रहा है और सुनील मीणा का करीबी बताया जाता है। सुनील मीणा को वर्ष 2024 में इंटरपोल की मदद से अजरबैजान में पकड़ा गया था। बाद में वर्ष 2025 में उसे झारखंड आतंकवाद निरोधक दस्ते द्वारा भारत लाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
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