प्राचीन मूक रामलीला में बाली वध का मंचन, सुग्रीव का हुआ राज्याभिषेक
हनुमानजी ने राम-सुग्रीव की करवाई मित्रता, भगवान राम ने दिलाया न्याय
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : लतीफ खान
बिसाऊ : बिसाऊ की ऐतिहासिक एवं प्राचीन मूक रामलीला में बाली वध की लीला का मंचन किया गया। प्रसंग में भगवान श्रीराम की मित्रता, धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
लीला के अनुसार, हनुमानजी ने बाली के अत्याचारों से पीड़ित सुग्रीव की मुलाकात भगवान श्रीराम से करवाई और दोनों के बीच मित्रता कराई। सुग्रीव ने रामजी को बताया कि बाली ने उसका राज्य छीनने के साथ उसकी पत्नी को भी अपने अधिकार में ले लिया है। सुग्रीव की व्यथा सुनकर भगवान राम ने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

इसके बाद सुग्रीव ने बाली को युद्ध के लिए ललकारा। दोनों भाइयों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें भगवान श्रीराम ने बाली का वध कर दिया। बाली वध के बाद सुग्रीव को उसका राज्य वापस मिला और उसका राज्याभिषेक किया गया।
मूक रामलीला के इस प्रसंग के माध्यम से अन्याय के अंत, मित्रता की मर्यादा और धर्म की विजय का संदेश दिया गया। रामलीला में प्रतिदिन प्रस्तुत हो रही लीलाएं श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रही हैं।
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