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लक्ष्मणगढ़ में नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा:डेढ़ दर्जन स्थानों पर सजे माता रानी के पांडाल, नानी बाई का मायरा कथा प्रसंग सुनाया


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लक्ष्मणगढ़ में नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा:डेढ़ दर्जन स्थानों पर सजे माता रानी के पांडाल, नानी बाई का मायरा कथा प्रसंग सुनाया

लक्ष्मणगढ़ में नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा:डेढ़ दर्जन स्थानों पर सजे माता रानी के पांडाल, नानी बाई का मायरा कथा प्रसंग सुनाया

लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ कस्बे में शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों और सार्वजनिक पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। माता रानी के जयकारों और भजन-कीर्तन से पूरा कस्बा भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। श्रद्धालु सुबह और रात्रिकालीन आरती में शामिल होकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जा रहा है। वहीं, रात्रि में भजन-कीर्तन और जागरण के आयोजन से धार्मिक उत्सव का माहौल बना हुआ है।

मां चंद्रघंटा की आराधना से सुख-समृद्धि की कामना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है। चंद्रमा को शांति का प्रतीक माना जाता है, जबकि घंटे की ध्वनि नकारात्मक शक्तियों के नाश से जुड़ी हुई है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं। व्रत रखने वाले श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ माता रानी की आराधना में जुटे हैं।

डेढ़ दर्जन स्थानों पर सजे माता रानी के पांडाल

कस्बे में करीब डेढ़ दर्जन स्थानों पर सार्वजनिक पूजा पांडाल सजाकर माता रानी की प्रतिमाएं विराजमान की गई हैं। सभी पूजा स्थलों पर धार्मिक कार्यक्रमों के चलते उत्सव जैसा माहौल है। नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पांडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है।

नानी बाई का मायरा कथा में अटूट विश्वास का संदेश

श्री दुर्गा पूजा समिति कबूतरियां कुआं की ओर से आयोजित नानी बाई का मायरा कथा में मंगलवार को दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। कथावाचक विकास मिश्रा ने नरसी मेहता की भक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण ही सच्ची भक्ति का आधार है। उन्होंने श्रद्धालुओं को ईश्वर के प्रति दृढ़ आस्था बनाए रखने का संदेश दिया। कथा आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। बुधवार को कथा के अंतिम दिन मायरा भरा जाएगा, जिसे लेकर आयोजन समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

नौ दिनों तक जारी रहेंगे धार्मिक आयोजन

शारदीय नवरात्र के नौ दिवसीय पर्व को लेकर कस्बे में लगातार धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। मंदिरों और पूजा पांडालों में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच प्रशासन भी व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए सतर्क है। पूरे क्षेत्र में नवरात्र को लेकर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

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