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बाजोर की 150 बीघा जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा:डेजर्ट सफारी के लिए अधिग्रहण और खेल मैदान रद्द करने का विरोध, पंचायत ने राज्य सरकार के खिलाफ अपील की


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बाजोर की 150 बीघा जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा:डेजर्ट सफारी के लिए अधिग्रहण और खेल मैदान रद्द करने का विरोध, पंचायत ने राज्य सरकार के खिलाफ अपील की

बाजोर की 150 बीघा जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा:डेजर्ट सफारी के लिए अधिग्रहण और खेल मैदान रद्द करने का विरोध, पंचायत ने राज्य सरकार के खिलाफ अपील की

रघुनाथगढ़ : ग्राम पंचायत बाजोर में डेजर्ट सफारी के लिए करीब 150 बीघा जमीन अधिग्रहण और खेल मैदान रद्द करने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पंचायत ने राज्य सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इसमें पंचायत ने अपनी जमीन और सार्वजनिक संस्थानों को बचाने की मांग की है।

पंचायत की अपील में कहा गया है कि नेशनल हाईवे की 75 मीटर सीमा से पंचायत की जमीन पर असर पड़ रहा है। पंचायत का तर्क है कि अगर हाईवे की तय सीमा से पंचायत की जमीन प्रभावित होती है, तो कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।

पंचायत के मुताबिक, इस दायरे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कहारों की ढाणी, शिव मंदिर कहारों की ढाणी, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बाजोर, सहकारी समिति बाजोर, पुराना पंचायत भवन, दो मुक्तिधाम, शिव मंदिर बाजोर, पशु चिकित्सालय, पंचायत की दुकानें और पंचायत भवन जैसे कई सार्वजनिक संस्थान आ सकते हैं।

पंचायत का कहना है कि अगर ये संस्थान प्रभावित होते हैं, तो भविष्य में इन्हें दोबारा स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन मिलना मुश्किल होगा। खासकर, मुक्तिधामों पर असर पड़ने से लोगों को अंतिम संस्कार जैसे जरूरी कामों में भी दिक्कतें आ सकती हैं।

ग्राम पंचायत का कहना है कि यह मामला सिर्फ 150 बीघा जमीन का नहीं है। इससे पंचायत क्षेत्र के जरूरी सार्वजनिक संस्थानों और ग्रामीणों की सुविधाओं का भविष्य भी जुड़ा है। इसीलिए पंचायत ने अपनी जमीन और संस्थानों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

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