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गढ़ बालाजी मंदिर रास्ते पर गेट लगाने का विरोध:मंदिर परिसर में हुई सार्वजनिक बैठक; दो दिन में नहीं हटने पर लक्ष्मणगढ़ बंद, अनशन की चेतावनी


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गढ़ बालाजी मंदिर रास्ते पर गेट लगाने का विरोध:मंदिर परिसर में हुई सार्वजनिक बैठक; दो दिन में नहीं हटने पर लक्ष्मणगढ़ बंद, अनशन की चेतावनी

गढ़ बालाजी मंदिर रास्ते पर गेट लगाने का विरोध:मंदिर परिसर में हुई सार्वजनिक बैठक; दो दिन में नहीं हटने पर लक्ष्मणगढ़ बंद, अनशन की चेतावनी

लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ में श्री गढ़ के बालाजी मंदिर परिसर में रविवार शाम को सार्वजनिक बैठक हुई। बैठक में पुजारी परिवार, जनप्रतिनिधि, व्यवसायी, समाजसेवी और श्रद्धालुओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बैठक में गढ़ परिसर स्थित बालाजी मंदिर तक जाने वाले आम रास्ते को कथित रूप से गेट लगाकर बंद किए जाने का विरोध किया गया।

आम रास्ते पर बिना अनुमति गेट लगाने के आरोप

बैठक में पुजारी परिवार के संजय जोशी ने बताया- किले के मालिक विनोद कुमार झुंझुनूवाला फोर्ट प्रा.लि. एवं उनके परिवार के अजय कुमार झुंझुनूवाला की ओर से किले के मंदिर तक जाने वाले आम रास्ते, जिसे स्थानीय रूप से ‘खुर्रा’ कहा जाता है, पर बिना नगरपालिका की अनुमति गेट लगा दिया गया है। रास्ते पर केवल पैदल श्रद्धालुओं के लिए छोटी खिड़की खुली रखी गई है, जिससे वृद्ध और अन्य श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है।

गढ़ परिसर स्थित बालाजी मंदिर तक जाने वाले आम रास्ते पर गेट लगाने का विरोध किया गया।
गढ़ परिसर स्थित बालाजी मंदिर तक जाने वाले आम रास्ते पर गेट लगाने का विरोध किया गया।

वक्ताओं ने बताया कि किले के ऊपर स्थित श्री गढ़ के बालाजी मंदिर देवस्थान विभाग में पंजीकृत है और यहां पुजारी परिवार करीब 220 सालों से लगातार सेवा-पूजा करता आ रहा है। मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं तथा जन्म और विवाह सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु वाहनों से जात-जडूला की रस्म के लिए भी पहुंचते हैं।

गेट हटाने और कार्रवाई की मांग

बैठक में गेट को हटाने की मांग करते हुए कहा गया कि आम रास्ते को किसी व्यक्ति या कंपनी का निजी रास्ता नहीं बनाया जा सकता। प्रशासन से तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में गेट नहीं हटाया गया तो लक्ष्मणगढ़ बंद किया जाएगा और अनशन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मामले को लेकर सार्वजनिक बैठक हुई। इसमें गेट हटाने की मांग की गई।
मामले को लेकर सार्वजनिक बैठक हुई। इसमें गेट हटाने की मांग की गई।

बैठक में किले की भूमि के पट्टे को लेकर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि विनोद कुमार झुंझुनूवाला फोर्ट प्रा.लि. की ओर से पट्टा बनवाने के लिए नगरपालिका में पूर्व में भी आवेदन किए गए, जो खारिज हो चुके हैं। अब 27 जुलाई 2026 को फिर पट्टे के लिए आवेदन किया गया है, जिस पर 30 जुलाई को आपत्ति दर्ज कराई गई है।

बैठक में पहाड़ी क्षेत्र को राजस्थान सरकार की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए उसके स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की गई।

बैठक में लोगों ने कार्रवाई नहीं होने पर अनशन करने का फैसला किया।
बैठक में लोगों ने कार्रवाई नहीं होने पर अनशन करने का फैसला किया।

बैठक में ये भी बताया गया कि पूर्व में किले के रास्ते के स्वरूप में बदलाव की कोशिशों को लेकर तत्कालीन जिला कलेक्टर सीकर, फतेहपुर एसडीएम और लक्ष्मणगढ़ तहसीलदार की ओर से संबंधित लोगों को निर्माण कार्य नहीं करने और ऐतिहासिक स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं करने के लिए पाबंद किया गया था।

बैठक में निर्णय लिया गया कि मामले को लेकर प्रशासन सहित संबंधित विभागों को ज्ञापन एवं प्रतिलिपियां भेजी जाएंगी। इनमें जिला कलेक्टर सीकर, एसडीएम लक्ष्मणगढ़, ईओ लक्ष्मणगढ़, तहसीलदार लक्ष्मणगढ़, निदेशक स्वायत्त शासन विभाग जयपुर, मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और देवस्थान विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

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