[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

संत चिमननाथ महाराज की 40वीं पुण्यतिथि पर चिमन महोत्सव, साथ बैठे ओमनाथ महाराज और एजाज नबी ने सुने भजन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

संत चिमननाथ महाराज की 40वीं पुण्यतिथि पर चिमन महोत्सव, साथ बैठे ओमनाथ महाराज और एजाज नबी ने सुने भजन

भजन संध्या में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर, एक साथ बैठे दो धर्मगुरुओं ने दिया भाईचारे का संदेश

झुंझुनूं : झुंझुनूं  के प्रसिद्ध संत चिमननाथ महाराज की 40वीं पुण्यतिथि के अवसर पर झुंझुनूं के चंचलनाथ टीले पर आयोजित दो दिवसीय चिमन महोत्सव में शनिवार रात धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द की भी अनूठी तस्वीर देखने को मिली। भजन संध्या के दौरान चंचलनाथ टीले के पीठाधीश्वर ओमनाथ महाराज और कमरूद्दीन शाह दरगाह के गद्दीनसीन एजाज नबी एक साथ बैठे नजर आए।

एजाज नबी ने ओमनाथ महाराज के साथ बैठकर देर रात तक भजन संध्या का आनंद लिया। शेखावाटी के स्थानीय कलाकारों ने जब भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं तो पूरा चंचलनाथ टीला भक्ति के रंग में रंग गया। साधु-संतों और श्रद्धालुओं के बीच एजाज नबी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

दो अलग-अलग धार्मिक परंपराओं से जुड़े धर्मगुरुओं का एक साथ बैठकर भजनों का आनंद लेना आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देता नजर आया। दोनों की साथ बैठी तस्वीर भी आयोजन के दौरान चर्चा का विषय रही।

संत चिमननाथ महाराज की पुण्यतिथि पर हो रहे आयोजन

संत चिमननाथ महाराज की 40वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में पीठाधीश्वर ओमनाथ महाराज के सानिध्य में चिमन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन सुबह रुद्राभिषेक किया गया, जबकि रात को भजन संध्या आयोजित हुई। इसमें शेखावाटी के प्रसिद्ध स्थानीय कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं।

भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक भक्ति गीतों का आनंद लिया। चंचलनाथ टीले को भी आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है। समाधि स्थल सहित पूरे परिसर की सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

आज समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना और भंडारा

पुण्यतिथि समारोह के दूसरे दिन रविवार को सुबह 8 बजे समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना, आरती और भोग लगाकर संत चिमननाथ महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इसके बाद सुबह 9 बजे से साधु-संतों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं, आम श्रद्धालुओं के लिए सुबह 11 बजे से भंडारा शुरू हुआ, जो रात 9 बजे तक चलेगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

Related Articles