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सूरत रेलवे स्टेशन पर हवलदार नरेश सिंह तंवर की मौत:ड्यूटी पर लौटते समय पैर फिसलने से ट्रेन-पटरी के बीच आए; पिता को विदाई देते भावुक हुए बेटा-बेटी


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सूरत रेलवे स्टेशन पर हवलदार नरेश सिंह तंवर की मौत:ड्यूटी पर लौटते समय पैर फिसलने से ट्रेन-पटरी के बीच आए; पिता को विदाई देते भावुक हुए बेटा-बेटी

सूरत रेलवे स्टेशन पर हवलदार नरेश सिंह तंवर की मौत:ड्यूटी पर लौटते समय पैर फिसलने से ट्रेन-पटरी के बीच आए; पिता को विदाई देते भावुक हुए बेटा-बेटी

सूरजगढ़ : भारतीय सेना के जवान नरेश सिंह तोमर का सूरत में ट्रेन की चपेट में आने से निधन हो गया। वे एक माह की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौट रहे थे। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर बुहाना गांव पहुंचा, जिससे क्षेत्र में शोक फैल गया। बुहाना निवासी नरेश सिंह तोमर भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स में सूरत में तैनात थे। वे एक माह का अवकाश बिताकर 22 जुलाई को अपनी यूनिट के लिए रवाना हुए थे। सूरत में ट्रेन की चपेट में आने से उनका निधन हो गया।

ड्यूटी जॉइन करने के लिए सूरत पहुंचे थे

हवलदार नरेश सिंह तंवर 6 गुजरात बटालियन एनसीसी, सूरत में तैनात थे। छुट्टी पूरी होने के बाद वे ड्यूटी जॉइन करने के लिए सूरत पहुंचे थे। ट्रेन से उतरते समय उनका पैर फिसल गया, ट्रेन और पटरी के बीच आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।ंं

18 जून 2001 को सेना में भर्ती हुए थे

हवलदार नरेश सिंह तंवर 18 जून 2001 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी मूल यूनिट 4 राजपूताना राइफल्स थी। उनके पिता हवलदार भागीरथ सिंहभी भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे। उनके परिवार में पत्नी मीना कंवर, बेटा सचिन सिंह तंवर और बेटी मुस्कान शामिल हैं।

शनिवार को हवलदार तंवर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पैतूक पहुंचा। भिर्र खेल मैदान से बुहाना तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस यात्रा में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, युवा, सामाजिक संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल थे। पूरे रास्ते “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे गूंजते रहे। इसके बाद हवलदार नरेश सिंह तंवर का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। हजारों लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

राजपूताना राइफल्स में कार्यरत थे

नरेश सिंह तोमर का जन्म 2 जुलाई 1983 को हुआ था। उन्होंने 18 जून 2001 को दिल्ली स्थित राजपूताना राइफल्स सेंटर से सेना में भर्ती होकर देश सेवा शुरू की थी। उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक विभिन्न स्थानों पर सेवाएं दीं। उनके पिता भागीरथ सिंह और बड़े भाई अशोक सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे भाई सुरेश सिंह वर्तमान में सेना में कार्यरत हैं। उनके पुत्र सचिन अग्निवीर प्रशिक्षण में हैं और पुत्री मुस्कान अध्ययनरत हैं।

अंतिम संस्कार में पूर्व विधायक सुभाष पूनिया, भाजपा जिलाध्यक्ष रतन सिंह तंवर, तहसीलदार बाबूलाल जाट, नगर पालिका ईओ सुरेन्द्र कुमार, थानाधिकारी राममनोहर, नगर पालिका चेयरमैन दशरथ तंवर और पूर्व उपप्रधान राजपाल सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, ग्रामीण और युवाओं ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

भिर्र गांव से बुहाना तक तिरंगा यात्रा निकाली गई।
भिर्र गांव से बुहाना तक तिरंगा यात्रा निकाली गई।
हवलदार नरेश सिंह तंवर की तिरंगा यात्रा निकाली।
हवलदार नरेश सिंह तंवर की तिरंगा यात्रा निकाली।

पिता को अंतिम विदाई देते हुए बेटी हुई भावुक।

पिता को अंतिम विदाई देते हुए बेटा भावुक हो गया।
पिता को अंतिम विदाई देते हुए बेटा भावुक हो गया।
जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, युवा, सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने अंतिम सलामी दी।
जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, युवा, सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने अंतिम सलामी दी।

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