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बेलूर मठ में डॉ. जुल्फिकार ने भेंट की पुस्तकें, स्वामी विवेकानंद पर शोध कार्य की मिली सराहना


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बेलूर मठ में डॉ. जुल्फिकार ने भेंट की पुस्तकें, स्वामी विवेकानंद पर शोध कार्य की मिली सराहना

बेलूर मठ में डॉ. जुल्फिकार ने भेंट की पुस्तकें, स्वामी विवेकानंद पर शोध कार्य की मिली सराहना

भीमसर : भीमसर गांव के युवा लेखक एवं शोधकर्ता डॉ. जुल्फिकार ने कोलकाता स्थित बेलूर मठ के 17वें अध्यक्ष स्वामी गौतमानंद महाराज से मुलाकात कर स्वामी विवेकानंद से संबंधित अपनी दो पुस्तकें और राजस्थान में उनके प्रवास स्थलों का मानचित्र भेंट किया। उन्होंने विवेकानंद का प्रतीक चिह्न भी मठ को समर्पित किया।

स्वामी गौतमानंद महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन में राजस्थान, विशेषकर खेतड़ी का योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने बताया कि बेलूर मठ के इतिहास में खेतड़ी को स्वामी विवेकानंद की कर्मभूमि और संरक्षण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में देखा जाता है, जहां से उनके वैश्विक आध्यात्मिक मिशन को नई दिशा मिली।

डॉ. जुल्फिकार ने बताया कि वे राष्ट्रीय युवा दिवस 2020 से विवेकानंद कैलेंडर अभियान चला रहे हैं और अब तक करीब 80 हजार कैलेंडर निःशुल्क वितरित कर चुके हैं। उनका लक्ष्य एक लाख युवाओं तक स्वामी विवेकानंद के विचार पहुंचाना है।

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेलूर मठ के आध्यात्मिक संबंधों का भी उल्लेख करते हुए बताया कि युवावस्था में मोदी संन्यास की इच्छा लेकर बेलूर मठ पहुंचे थे, जहां उन्हें जनसेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा मिली। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका बेलूर मठ से आध्यात्मिक जुड़ाव लगातार बना हुआ है।

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