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सरदारशहर के आसपालसर में किसानों का प्रदर्शन:765 केवी-लाइन निर्माण-मुआवजा न मिलने पर काम रोका, अनदेखी का लगाया आरोप


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सरदारशहर के आसपालसर में किसानों का प्रदर्शन:765 केवी-लाइन निर्माण-मुआवजा न मिलने पर काम रोका, अनदेखी का लगाया आरोप

सरदारशहर के आसपालसर में किसानों का प्रदर्शन:765 केवी-लाइन निर्माण-मुआवजा न मिलने पर काम रोका, अनदेखी का लगाया आरोप

सरदारशहर : सरदारशहर के आसपालसर गांव में 765 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन के निर्माण को लेकर किसानों और पावरग्रिड कंपनी के बीच विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को कंपनी ने पुलिस बल के साथ कार्य शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक लाइन का कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

किसान बोले-संतोषजनक मुआवजा नहीं दिया

किसानों का आरोप है कि प्रस्तावित विद्युत लाइन एक पक्के मकान और पानी की डिग्गी के ऊपर से गुजर रही है। इसके बावजूद, प्रभावित किसानों को अब तक कोई संतोषजनक मुआवजा नहीं दिया गया है। कंपनी के कर्मचारी जैसे ही पुलिस बल के साथ कार्यस्थल पर पहुंचे, अखिल भारतीय किसान सभा के नेता रामकृष्ण छींपा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

200 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग

अनदेखी का लगाया आरोप

किसान सभा के नेता रामकृष्ण छींपा ने आरोप लगाया कि पावरग्रिड कंपनी किसानों के अधिकारों की अनदेखी कर पुलिस के दम पर काम करवाना चाहती है। उन्होंने दोहराया कि जब तक किसानों की सभी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर काम नहीं होने दिया जाएगा।

मामले को लेकर मौके पर तहसीलदार भानीपुरा, थाना अधिकारी भानीपुरा और पावरग्रिड कंपनी के अधिकारियों के बीच किसानों से वार्ता भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। किसान सभा के तहसील अध्यक्ष रामकरण भांभू ने कहा कि यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो पूरे क्षेत्र के किसान एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

ये रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में भगवानाराम जाखड़, संदीप भारतीय, हरि जांघू, सुरजाराम चौधरी, हेमराज प्रजापत, हाकम सिंह, शिवभगवान जांघू, रामदेव भाकर, जयनारायण, महेंद्र मेघवाल, इंद्राज, जोतराम, मांगीलाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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