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पाटन में 15 साल पुराना जमीनी विवाद सुलझा:22 सह-खातेदारों को मिली राहत, बिहारीपुर में लगा ग्रामीण सेवा शिविर


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पाटन में 15 साल पुराना जमीनी विवाद सुलझा:22 सह-खातेदारों को मिली राहत, बिहारीपुर में लगा ग्रामीण सेवा शिविर

पाटन में 15 साल पुराना जमीनी विवाद सुलझा:22 सह-खातेदारों को मिली राहत, बिहारीपुर में लगा ग्रामीण सेवा शिविर

पाटन : पाटन तहसील में शुक्रवार को ग्रामीण सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर के दौरान 15 सालों से लंबित एक पैतृक भूमि विवाद का समाधान किया गया, जिससे 22 सह-खातेदारों को राहत मिली और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

पहला ग्रामीण सेवा शिविर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिहारीपुर में आयोजित हुआ। इसमें नीम का थाना के एडीएम भागीरथ सांख और पाटन तहसीलदार सुभाष चंद्र सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही आमजन की समस्याओं का निस्तारण किया।

शिविर में इंद्र सिंह पुत्र भंवर सिंह निवासी गांवली ने एक महत्वपूर्ण समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि उनकी पैतृक सामलाती जमीन, जिसमें कुल 10 खाते, 17 खसरे और 6.05 हेक्टेयर रकबा शामिल है, में 22 सह-खातेदार हैं।

15 सालों से खाता विभाजन नहीं हो पा रहा था

आपसी वाद-विवाद के कारण पिछले लगभग 15 सालों से इस जमीन का खाता विभाजन नहीं हो पा रहा था। इस वजह से सह-खातेदार सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में असमर्थ थे। विभाजन के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन खातेदारों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी।

मौका मुआयना कर विभाजन करवाया

पाटन, गिरदावर और पटवार हल्का बिहारीपुर के पटवारी ने सभी खातेदारों को जोत विभाजन के भविष्य में होने वाले फायदे सभी उपस्थित खातेदारों को समझाया और मौके का मुआयना किया, जिसके बाद सभी सहर्ष जोत विभाजन के लिए तैयार हो गए।

इसके बाद, भू-अभिलेख निरीक्षक और पटवारी हल्का बिहारीपुर ने विभाजन प्रस्ताव तैयार कर तहसीलदार पाटन के समक्ष प्रस्तुत किया। तहसीलदार पाटन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विभाजन प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिससे आवेदक सहित सभी सह-खातेदारों को बड़ी राहत मिली।

इस प्रकार, शिविर में लगभग 15 वर्षों से अधिक समय से लंबित खातेदारी जोत विभाजन के कार्य को सफलतापूर्वक संपादित किया गया। इस दौरान कई अन्य लोग भी शिविर में मौजूद रहे और अपनी समस्याओं का समाधान कराया।

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