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Wrestlers Protest : महिला पंचायत की इजाजत नहीं, दिल्ली की सभी सीमाएं सील, छह स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था


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Wrestlers Protest : महिला पंचायत की इजाजत नहीं, दिल्ली की सभी सीमाएं सील, छह स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर सहित सभी बॉर्डरों को सील कर दिया है। पड़ोसी राज्यों से कहा है कि वे दिल्ली में प्रवेश देने से पहले ही वाहनों को रोक लें।

नई दिल्ली : दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों, महिलाओं और किसानों को रविवार को नए संसद भवन के सामने महिला महापंचायत  की इजाजत नहीं होगी। दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर सहित सभी बॉर्डरों को सील कर दिया है। पड़ोसी राज्यों से कहा है कि वे दिल्ली में प्रवेश देने से पहले ही वाहनों को रोक लें। रविवार को वाहनों को जांच के बाद जरूरी काम होने पर ही दिल्ली में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं,  दिल्ली पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां उद्घाटन कार्यक्रम की सुरक्षा में कोई कोर-कसर नहीं रख रही हैं।

एनसीआर से आने वाली लोकल ट्रेनों को भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक या दो स्टेशन पहले टर्मिनेट (खत्म) कर दिया जाएगा। इसके अनौपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि लंबे रूट से आने वाली ट्रेनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक आने दिया जाएगा। मेट्रो को भी कुछ स्टेशनों पर रुकने की इजाजत नहीं होगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि वीआईपी कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रेनों को नई दिल्ली में पहुंचने से पहले ही रोका जा रहा है। 26 जनवरी व 15 अगस्त को भी ऐसा कभी नहीं हुआ। गाजीपुर बॉर्डर समेत सभी राज्यों की सीमाओं पर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है।

महिला खाप पंचायतों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के समर्थन में नए संसद भवन के सामने रविवार को महिला पंचायत करने की घोषणा की है। इस पंचायत में बड़ी संख्या में महिला व किसानों के दिल्ली आने की पूरी संभावना है। पुलिस को गृह मंत्रालय से पुलिस फोर्स की 50 से ज्यादा कंपनियां मिली हैं।

नए संसद भवन के पास किसी को जाने की इजाजत  नहीं :  नई दिल्ली के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम की सुरक्षा में 3000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इनमें 50 फीसदी महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि उद्घाटन कार्यक्रम या नए संसद भवन के पास किसी को न जाने दिया जाए। कार्यक्रम में बुलाए गए मेहमान, सांसद, राज्यों के मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ही शामिल होने की अनुमति होगी।

अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का किनारा: सोनीपत। बजरंग, विनेश और साक्षी व अन्य पहलवानों के धरने से ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने किनारा ही रखा है। 23 मई को कैंडल मार्च भी अंतरराष्ट्रीय पहलवान आगे दिखाई नहीं दिए। अब धरनारत पहलवानों ने दिल्ली के नए संसद भवन के बाहर 28 मई को महिला पंचायत बुलाई है। उसमें भी कई अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने पहुंचने से इन्कार किया है। उनका कहना है कि वह अभ्यास में जुटे हैं। अंतरराष्ट्रीय पहलवान सोनम व सरिता ने अभ्यास की व्यस्तता के चलते जाने से इन्कार किया है। अंतरराष्ट्रीय पहलवान सुनील डबरपुर ने पैर में चोट होने की बात कहते हुए पंचायत में नहीं जाने की बात कही है।

पहलवानों का आह्वान, बृजभूषण का एलान
इधर, पहलवान विनेश फोगाट ने लोगों से पंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है। विनेश ने कहा कि पुलिस ने नई दिल्ली को बंद कर दिया है लेकिन हम सभी से महिला पंचायत में शामिल होने का अनुरोध करते हैं … हम बिना किसी हिंसा के पुलिस द्वारा किए गए सभी अत्याचारों को सहेंगे। दूसरी ओर बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि मैं जांच और नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं। मैंने किसी कमेटी से सवाल नहीं किया। उनके (पहलवानों) बयान लगातार बदल रहे हैं। मुझे अदालत और दिल्ली पुलिस की जांच पर भरोसा है। न्यायपालिका मेरे लिए जो भी फैसला देगी मैं उसका सम्मान करूंगा। मैं किसी भी फैसले के लिए तैयार हूं।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाएगा
अगर महिलाएं व किसान महिला पंचायत करने के लिए संसद नए संसद भवन के करीब पहुंचते है तो उन्हें जंतर-मंतर ले जाया जाए, जहां प्रदर्शन चल रहा है। अगर महिलाएं जंतर-मंतर नहीं जाती है तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं से लेकर नए संसद भवन तक की सुरक्षा व्यवस्था छह स्तरीय होगी। सुरक्षा की कमान नई दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत संभाल रहे हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ पुलिस उपायुक्तों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा सुरक्षा व्यवस्था का दिनभर जायजा लेते रहेंगे। कार्यक्रम समाप्त होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।

पहलवानों ने मांगा सहयोग  बोले-ले सकते हैं बड़ा फैसला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे रहे पहलवानों ने 28 मई को प्रस्तावित महिला महापंचायत के लिए समर्थन जुटाने की हर संभव पहल शुरू कर दी है। धरनारत अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक व संगीता ने सोशल मीडिया पर भी वीडियो अपलोड कर समर्थन मांगा है।

उन्होंने कहा कि महिला महापंचायत में उनके बुजुर्ग कई बड़े फैसले ले सकते हैं। उन्होंने सभी से महापंचायत में पहुंचने और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश ने कहा कि धरने का एक माह पूरा होने पर 23 मार्च को निकाले गए कैंडल मार्च में सभी ने सहयोग दिया था। इसके लिए वह सभी के आभारी हैं। न्याय की इस लड़ाई में आपका साथ ही हमें जीत तक लेकर जाएगा। उन्होंने कहा कि 28 मई को नए संसद भवन के सामने महिला पंचायत रखी गई है। उन्होंने सभी से अपील की कि वह इसमें बढ़-चढ़कर भाग लें। साथ ही कहा कि पांच महिला पहलवान इसमें प्रतिनिधित्व करेंगी।

कुंडली बॉर्डर पर चार कंपनियां तैनात
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कुंडली बॉर्डर पर भी पुलिस की चार कंपनियां तैनात की गई हैं। बैरिकेड्स भी मंगवा लिए गए हैं। उधर दिल्ली पुलिस ने वाटर कैनन, रेत से भरे डंपर व क्रेन भी बॉर्डर पर खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है।

टीकरी बॉर्डर पर पांच कंपनियां
टीकरी बॉर्डर पर भी शनिवार दोपहर को ही 35 पुलिस जवान तैनात कर दिए गए। देर रात तक 100 से अधिक अन्य कर्मचारी पहुंच जाएंगे और सुबह तक पांच से अधिक कंपनियां (500 पुलिस कर्मी) बॉर्डर पर मोर्चा संभाल लेंगे। उसके बाद बॉर्डर सील किया जाएगा। हरियाणा से गुप्तचर एजेंसियां दिल्ली पुलिस को पल-पल की सूचनाएं दे रही हैं कि कितने लोग दिल्ली जाने के लिए कहां पहुंच गए हैं।

बृजभूषण शरण सिंह की तुरंत गिरफ्तारी हो : रामदेव
यौन उत्पीड़न की शिकार महिला पहलवानों के समर्थन में योग गुरु बाबा रामदेव उतर आए है। उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की।रामदेव ने कहा कि कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। उनकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के पहलवानों का जंतर मंतर पर बैठना और कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगना यह बहुत ही शर्मनाक बात है। ऐसे व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। बाबा रामदेव ने न केवल बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग, बल्कि उनके बयानों को लेकर भी भाजपा सांसद को निशाने पर लिया।

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