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श्रीमद्भागवत कथा में महारास, कंस वध व रुक्मणी विवाह प्रसंगों का हुआ भावपूर्ण वर्णन


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श्रीमद्भागवत कथा में महारास, कंस वध व रुक्मणी विवाह प्रसंगों का हुआ भावपूर्ण वर्णन

श्रीमद्भागवत कथा में महारास, कंस वध व रुक्मणी विवाह प्रसंगों का हुआ भावपूर्ण वर्णन

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक

नवलगढ़ : पुरुषोत्तम अधिक मास के पावन अवसर पर श्रीआनंदम् में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस पर कथा प्रवक्ता आचार्य नीरज शौनक ने इंद्र मान भंग, महारास लीला, कंस वध एवं कृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंगों का भक्तिमय वर्णन किया। कथा के दौरान रुक्मणी विवाह की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

कथाव्यास ने कहा कि भगवान की कथा से जुड़े रहने पर आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। कथा में गोपी गीत एवं विभिन्न श्लोकों के माध्यम से भक्ति, प्रेम और धर्म का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने कथा के साथ शास्त्रीय भजन-संगीत का आनंद लिया और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

कार्यक्रम में संतवृंदों एवं मंदिर महंतों का भी अभिनंदन किया गया। कथा में अजय रूंथला सपत्नीक यजमान के रूप में उपस्थित रहे। कथा सुनने दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। कथा उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। सप्तम दिवस पर वेद स्तुति, नव योगेश्वर संवाद एवं परीक्षित मोक्ष प्रसंगों के साथ कथा का विश्राम होगा।

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