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27 साल बाद मिला कल्याणजी मंदिर की जमीन का कब्जा:SC के आदेश पर माधव स्कूल का कैंपस हुआ खाली, बनेगी धर्माशाला; महंत बोले- सत्यमेव जयते


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27 साल बाद मिला कल्याणजी मंदिर की जमीन का कब्जा:SC के आदेश पर माधव स्कूल का कैंपस हुआ खाली, बनेगी धर्माशाला; महंत बोले- सत्यमेव जयते

27 साल बाद मिला कल्याणजी मंदिर की जमीन का कब्जा:SC के आदेश पर माधव स्कूल का कैंपस हुआ खाली, बनेगी धर्माशाला; महंत बोले- सत्यमेव जयते

सीकर : सीकर में श्रीकल्याण मंदिर और प्रशासन के बीच चले दशकों पुराने विवाद का आज अंत हो गया। करीब 27 साल लंबे कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार कल्याणजी मंदिर की जमीन का कब्जा मंदिर प्रशासन को मिल गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माधव स्कूल का कैंपस खाली कराया गया, जहां अब आधुनिक धर्मशाला बनेगी। जमीन वापस मिलने पर महंत ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा-“सत्यमेव जयते।”

दरअसल, 27 वर्षों के लंबे कानूनी संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट की अंतिम मुहर के बाद, गुरुवार को प्रशासन ने ‘माधव स्कूल’ परिसर का कब्जा औपचारिक रूप से मंदिर के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा को सौंप दिया। आज सीकर के सर माधव राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (माधव स्कूल) परिसर में हलचल तेज थी।

किराया अधिकरण सीकर के जारी कब्जा वारंट की तामील करवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। कोर्ट के आदेशानुसार, विद्यालय प्रशासन से भवन खाली करवाकर उसकी चाबियां मंदिर पक्ष को सुपुर्द कर दी गई। दशकों से चल रहे इस विवाद के खत्म होने पर मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खुशी है।

​1999 से 2026: संघर्ष की पूरी टाइमलाइन

​यह विवाद 1990 के दशक में शुरू हुआ था। श्रीकल्याणजी मंदिर के तत्कालीन महंत राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001 के तहत दावा पेश किया था कि स्कूल जिस भवन का उपयोग कर रहा है, वह मंदिर की संपत्ति है और मंदिर की बढ़ती गतिविधियों और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला बनाने के लिए इसकी जरूरत है।
​17 जुलाई 2013: किराया अधिकरण सीकर ने पहली बार मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्कूल खाली करने के आदेश दिए। ​12 सितंबर 2017: राज्य सरकार की अपील को किराया अपीलीय अधिकरण ने खारिज किया और माना कि धर्मशाला निर्माण के लिए यह ‘वास्तविक जरुरत’ है। ​22 नवंबर 2023: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार की रिट पिटीशन खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह दावा किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि खुद मंदिर का है। ​10 फरवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की एसएलपी (SLP) खारिज कर दी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए 30 अप्रैल 2026 तक का समय दिया।

​महंत बोले- आज सत्य की हुई जीत

​कब्जा मिलने के बाद श्रीकल्याण धाम मंदिर के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि सत्यमेव जयते। 27 साल की यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि सत्य और आस्था की थी। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था। आज उसी विश्वास की जीत हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने ना केवल जमीन लौटाई है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा भी कायम रखा है। अब इस कैंपस का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। यहां जल्द ही एक विशाल आधुनिक धर्मशाला का निर्माण शुरू होने की संभावना है, जिससे बाहरी राज्यों और दूसरे जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने की सुविधा मिलेगी।

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