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चिड़ावा में सीपीआई ने मनाया स्थापना दिवस:यमुना नहर का पानी लाने के लिए आंदोलन तेज करने का लिया संकल्प, बैंकिंग व्यवस्था पर भी चर्चा


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चिड़ावा में सीपीआई ने मनाया स्थापना दिवस:यमुना नहर का पानी लाने के लिए आंदोलन तेज करने का लिया संकल्प, बैंकिंग व्यवस्था पर भी चर्चा

चिड़ावा में सीपीआई ने मनाया स्थापना दिवस:यमुना नहर का पानी लाने के लिए आंदोलन तेज करने का लिया संकल्प, बैंकिंग व्यवस्था पर भी चर्चा

चिड़ावा : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) का 57वां स्थापना दिवस बुधवार को चिड़ावा स्थित पार्टी कार्यालय में संकल्प सभा के रूप में मनाया गया। सभा की अध्यक्षता कामरेड प्रेम सिंह नेहरा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कामरेड भगवान सिंह कोडाण के असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन के सिद्धांतों को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

जिला सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों के कारण वैश्विक स्तर पर असंतोष का माहौल है। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी समझौतों पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे देश की कृषि व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है। कुलहरि ने यह भी कहा कि भाजपा द्वारा कम्युनिस्ट आंदोलन के इतिहास को बदनाम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैंकिंग व्यवस्था और आत्महत्या के मामले पर उठी मांगें

सभा में विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों द्वारा टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर आम लोगों से हो रही आर्थिक वसूली के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। चिड़ावा की एचडीएफसी बैंक शाखा से जुड़े कर्ज वसूली के एक मामले में आत्महत्या की घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार का पूरा कर्ज माफ करने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई।

किसानों, डेयरी और मुआवजे का मुद्दा उठाया

सभा में किसानों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। दुग्ध उत्पादक डेयरियों में दूध की कीमत दोगुनी करने की मांग उठाई गई, ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके। इसके अलावा वर्ष 2022-23 की रबी फसलों के खराबे से वंचित रहे किसानों को तुरंत मुआवजा दिलाने के लिए आंदोलन करने का संकल्प लिया गया।

यमुना नहर का पानी लाने के लिए आंदोलन तेज करने का आह्वान

जिले में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यमुना नहर का पानी शीघ्र लाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया, ताकि किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके और खेती को राहत मिल सके।

इन कार्यकर्ताओं ने रखे अपने विचार

इस अवसर पर कामरेड ओमप्रकाश झारोड़ा, इंद्राज सिंह चारावास, अमर सिंह चाहर, रामचंद्र, सुभाष चाहर, मनफूल सिंह, शीशराम गोठवाल, वीरभान सिंह, विद्याधर सिंह गर्सा, होशियार सिंह चाहर, रत्तीराम राव, मांगेलाल मेघवाल, राजेश शर्मा और रामसिंह बराला सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और संगठन की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।

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