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‘बैंक लोन नहीं चुका पा रहा, प्रेशर कर रखा है’:कर्ज से परेशान डेयरी संचालक ट्रेन के आगे कूदा, 31 लाख बकाया का नोटिस मिला था


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‘बैंक लोन नहीं चुका पा रहा, प्रेशर कर रखा है’:कर्ज से परेशान डेयरी संचालक ट्रेन के आगे कूदा, 31 लाख बकाया का नोटिस मिला था

'बैंक लोन नहीं चुका पा रहा, प्रेशर कर रखा है':कर्ज से परेशान डेयरी संचालक ट्रेन के आगे कूदा, 31 लाख बकाया का नोटिस मिला था

सूरजगढ़ : ‘बैंक का लोन नहीं चुका पा रहा हूं, बैंक वालों ने प्रेशर कर रखा है।’ ऐसा लिख डेयरी संचालक ने सिरसा-कोटा ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। डेयरी संचालक ने करीब 31 लाख रुपए का लोन लिया हुआ था। जिसे चुका पाने में असमर्थ था।

घटना झुंझुनूं के सूरजगढ़ तहसील के मावंडियों की ढाणी के पास गुरुवार रात करीब साढ़े 8 से 9 बजे के बीच की है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। शव को चिड़ावा उपजिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। युवक के जेब से सुसाइड नोट भी मिला है।

विनोद की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि, “मेरे गायों की डेयरी है, जिसमें मुझे लोस हो रहा है और बैंकों का लोन नहीं चुका पा रहा हूं, इसलिए बैंकों ने मेरे ऊपर प्रेशर बना कर रखा है, इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं”

विनोद की जेब से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। जिसमें बैंक लोन के प्रेशर की वजह से आत्महत्या करना बताया गया है।
विनोद की जेब से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। जिसमें बैंक लोन के प्रेशर की वजह से आत्महत्या करना बताया गया है।

पेमेंट लेने की कहकर निकला था विनोद

विनोद के चाचा के लड़के सुरेंद्र ने बताया- विनोद पूनिया (50) पुत्र श्रीचंद पूनिया निवासी रामरख की ढाणी, उधमपुरा ने सुसाइड कर लिया। विनोद की ढाणी में ही डेयरी है। गुरुवार सवेरे करीब 9 बजे घर से निकला था। बोलकर गया था कि दूध का पेमेंट आ रहा है वो लेकर और गायों के लिए खल (चारा) लेकर आता हूं। शाम 4-5 बजे तक विनोद नहीं आया। रात करीब सवा 9 बजे पुलिस का फोन आया और रेलवे स्टेशन पर बुलाया। जहां विनोद की बॉडी दिखाई गई।

काफी समय से डिप्रेशन में था

सुरेंद्र ने बताया- विनोद ने रामरख की ढाणी (उधमपुरा) में खेत में स्थित उसके मकान पर लोन लिया हुआ था। हमेशा नियमित किश्त जमा कराता था। पशुधन में नुकसान होने की वजह से किश्त जमा नहीं हो पाई, जिसके लिए बैंक ने दबाव बनाया। दो-चार दिन पहले बैंक मैनेजर और उनके कर्मचारी घर आए थे और किश्त जमा करवाने और पुलिस से उठवाने की धमकी दी थी। इसके चलते विनोद डिप्रेशन में रहता था। ज्यादा किसी से बातचीत नहीं और गुमसुम बैठा रहता था।

31 लाख बकाया भुगतान का दिया था नोटिस

मिली जानकारी के अनुसार, विनोद की जेब से HDFC बैंक का एक नोटिस भी बरामद हुआ है, जिसमें उससे करीब 31 लाख 11 हजार 383 रुपए के बकाया भुगतान की मांग की गई थी। यह लोन उसने उधमपुरा स्थित अपने मकान को गिरवी रखकर लिया था।

घटना की सूचना मिलते ही चिड़ावा थाने से एएसआई ओमप्रकाश नरूका और कॉन्स्टेबल अंकित राव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर सुसाइड नोट व अन्य दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। शव को चिड़ावा उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है, जहां आज मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

विनोद के पिता आर्मी से रिटायर्ड हैं, जबकि एक लड़का चिड़ावा और लड़की सीकर में रहकर पढ़ाई कर रही है। विनोद के एक बड़ा भाई योगेंद्र पूनिया है, जो किसानी करता है। दोनों भाई अलग रहते हैं।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चिड़ावा थाने पहुंचकर बैंककर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसे लेकर ज्ञापन दिया गया है।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चिड़ावा थाने पहुंचकर बैंककर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसे लेकर ज्ञापन दिया गया है।

एएसआई ओमप्रकाश नरूका ने बताया कि मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट और बैंक से संबंधित अन्य दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस मामले में बैंक से भी पूछताछ की जाएगी।

परिवार और ग्रामीण इस मामले में आक्रोशित हैं और शुक्रवार सवेरे सभी एकत्र होकर चिड़ावा थाने पहुंचे और बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है। जिसमें संपूर्ण कर्ज माफ करने और बैंक से परिवार के लिए भरण पोषण दिलाने की मांग की है।

बैंक के सामने परिजनों ने किया प्रदर्शन।
बैंक के सामने परिजनों ने किया प्रदर्शन।

पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार, बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने बैंक के सामने धरना दिया और पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मृतक के परिजन राजेश ने आरोप लगाया- बैंक एक वित्तीय संस्थान के बजाय ‘गुंडा गिरोह’ की तरह काम कर रहा है। मृतक विनोद कुमार ने बैंक से लोन लिया था, जिसकी वसूली के नाम पर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

बैंक कर्मी और अधिकारी विनोद कुमार के घर जाकर मकान बंद करने और जमीन सीज करने की धमकियां दे रहे थे। इन धमकियों और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर विनोद कुमार ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बैंक मैनेजर और रिकवरी टीम द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का उल्लेख किया है। परिवार और प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नामजद बैंक के मैनेजर और संबंधित कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी और एक करोड़ रुपए के मुआवजे की भी मांग की है।

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