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भगवा का महाकुंभ में अंबर से बरसे फूल, धरा पर गूंजा जय श्री राम, भक्ति के समंदर में उठी श्रद्धा की लहरें, आसमान से देवों की तरह बरसे फूल


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भगवा का महाकुंभ में अंबर से बरसे फूल, धरा पर गूंजा जय श्री राम, भक्ति के समंदर में उठी श्रद्धा की लहरें, आसमान से देवों की तरह बरसे फूल

उदयपुरवाटी का ऐतिहासिक भगवा उत्सव व अघोरी तांडव, जीवंत झांकियां एवं आस्था का विराट पथ-संचलन

उदयपुरवाटी : कस्बे में बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर ‘विशाल भगवा रैली का शंखनाद हुआ। गोपीनाथ जी के दरबार के निकट से शुरू हुआ यह जनसैलाब जहाँ से भी गुजरा, समूचा वातावरण केसरिया आभा से सराबोर हो गया। शौर्य, श्रद्धा व संकल्प का अनूठा संगम सोमवार को सड़कों पर उस समय जीवंत हो उठा। विशाल भगवा रैली का सबसे जादुई क्षण, जब नीले गगन में लहराते पेरामोटर (मिनी हेलीकॉप्टर) से समूचे कस्बे पर पुष्प वर्षा की गई।

पंखुड़ियों की उस बारिश ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं उज्जैन के महाकाल डमरू दल की थाप और नासिक के प्रसिद्ध ढोल ने ऐसा समां बांधा कि फिजाओं में गूँजती हर धड़कन ‘राम-राम’ जपने लगी। शोभायात्रा में भारतीय संस्कृति के विविध रंग देखने को मिले। प्रभु श्रीराम, भारत माता और रानी लक्ष्मीबाई की झांकियों ने राष्ट्रप्रेम का ज्वार पैदा किया। उड़ता हुआ अघोरी तांडव और महादेव के विकराल स्वरूप ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दादू पंथी अखाड़े के जांबाजों ने तलवार बाजी और कलाओं का प्रदर्शन किया, तो दौसा की प्रसिद्ध डांग पट्टा कलाकृति ने सभी को हतप्रभ कर दिया।

नारी शक्ति का जयघोष और संतों का सानिध्य
भगवा ध्वज थामे मातृशक्ति का जोश देखते ही बनता था। डीजे की भक्तिमय धुनों पर थिरकती महिलाओं ने समाज में नई ऊर्जा का संचार किया।महंत योगीदास महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में संतों की उपस्थिति ने इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। रैली संयोजक रण सिंह के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं का अनुशासन और समर्पण इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता का आधार बना।

सुरक्षा का घेरा चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर
शोभायात्रा मार्ग पर 200 से अधिक जांबाज पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। संकरी गलियों से लेकर मुख्य चौराहों तक पुलिस की कड़ी निगरानी ने सुनिश्चित किया कि आस्था का यह महाकुंभ निर्बाध रूप से अपने गंतव्य राजकीय खेल मैदान तक पहुँचे। इस दौरान भव्य लवाजमा में ऊंट, घोड़े, जामवंत और सांवरिया सेठ की अलौकिक झांकियां। सीकर का प्रसिद्ध महा बाबा डीजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का संगम रहा। बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद तथा सांवरिया सेवा संस्थान सहित सैकड़ों विभिन्न संस्था के कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

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