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झुंझुनूं में पेंशनर्स का विरोध प्रदर्शन:बोले- रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशन देने की नीति गलत


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झुंझुनूं में पेंशनर्स का विरोध प्रदर्शन:बोले- रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशन देने की नीति गलत

झुंझुनूं में पेंशनर्स का विरोध प्रदर्शन:बोले- रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशन देने की नीति गलत

झुंझुनूं : राजस्थान पेंशनर समाज ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए ‘वैधता अधिनियम 2025’ के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। बुधवार को पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पेंशनभोगियों का आरोप है कि यह नया कानून उनके सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर सीधा हमला है। पेंशनर समाज के अनुसार वित्त मंत्रालय द्वारा 29 मार्च 2025 को जारी एक नोटिफिकेशन के तहत सरकार ने पेंशनर्स के बीच ‘वर्गीकरण’ करने का अधिकार अपने हाथ में ले लिया है।

पेंशनर समाज का जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन। इस दौरान नारेबाजी भी की।
पेंशनर समाज का जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन। इस दौरान नारेबाजी भी की।

बोले- वेतन आयोग की सिफारिशों का नहीं मिलेगा फायदा

ज्ञापन में बताया गया है कि नए नियमों के मुताबिक, अब पेंशनभोगियों की सेवानिवृत्ति की तिथि को आधार बनाकर उनके बीच अंतर पैदा किया जा सकेगा। इससे पुराने पेंशनर्स आगामी वेतन आयोगों की सिफारिशों और पेंशन वृद्धि के लाभ से वंचित हो सकते हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस गंभीर विषय को बिना किसी पूर्व सूचना के वित्त विधेयक के हिस्से के रूप में पेश कर लोकसभा से पारित करा लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट के ‘नाकरा फैसले’ का उल्लंघन

अध्यक्ष नेमीचन्द पूनियां ने बताया कि ज्ञापन में ऐतिहासिक ‘डी.एस. नाकरा बनाम भारत संघ’ मामले का विशेष उल्लेख किया गया है। पेंशनर्स ने याद दिलाया कि जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने स्पष्ट किया था कि पेंशनर्स एक समान वर्ग हैं और उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर उनके बीच कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। नया अधिनियम इस न्यायिक सिद्धांत की सरेआम अवहेलना करता है।

अध्यक्ष नेमीचन्द पूनियां ने बताया कि सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय और सुरक्षा के दावों के विपरीत है। एक तरफ महंगाई बढ़ रही है, दूसरी तरफ सरकार पेंशनर्स को बांटकर उनके लाभ रोकना चाहती है।

राजस्थान पेंशनर समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस ‘वैधता अधिनियम 2025’ को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो पेंशनभोगी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बड़े आंदोलन की राह चुनेंगे। उनकी मुख्य मांग है कि सभी पेंशनभोगियों को एक समान वर्ग मानते हुए वेतन आयोगों के लाभ बिना किसी भेदभाव के दिए जाएं। इस मौके पर नेमीचन्द पूनियां (जिला अध्यक्ष), कुरड़ाराम ऐचरा (जिला कोषाध्यक्ष) तथा चन्द्र प्रकाश धूपिया (जिला मंत्री) मौजूद थे।

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