माहे रमजान का तीसरा अशरा भी अलविदा और जुम्मा-तुल-अलविदा आज – प्रिंसिपल आवेश कुरैशी
माहे रमजान का तीसरा अशरा भी अलविदा और जुम्मा-तुल-अलविदा आज - प्रिंसिपल आवेश कुरैशी
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला मुख्यालय पर शिक्षाविद् प्रिंसिपल आवेश कुरैशी जामिया इंग्लिश मीडियम स्कूल एव सचिन युसूफ नूर मोहम्मद गर्ल्स स्कूल चूरू ने माहे रमजान और ईद की मुबारकबाद देते हुए बताया कि मुकद्दस रमजान शरीफ अब अपने आखिरी अशरे से गुजर रहा है।यह अशरा जहन्नम से निजात का अशरा माना जाता है, जिसमें मुसलमान पूरी लगन और खुसू-खुजू के साथ इबादत में जुट जाते हैं। मस्जिदों में नमाज, तरावीह और कुरआन-ए-पाक की तिलावत का खास एहतमाम किया जा रहा है, वहीं शब-ए-कद्र की तलाश में लोग रातभर इबादत करते नजर आ रहे हैं। रमजान का आखिरी अशरा बेहद फजीलत वाला होता है। माहे रमजान का हर वक्त अल्लाह की खास रहमतों और मगफिरत को पाने का है। हर शख्स को चाहिए कि वह ज्यादा से ज्यादा इबादत करे, तौबा-इस्तिगफार करे और जरूरतमंदों की मदद कर सवाब हासिल करे।
जैसे-जैसे रमजान के दिन खत्म हो रहे हैं, वैसे-वैसे ईद-उल-फितर की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है, लोग नए कपड़े, मिठाइयां और जरूरी सामान की खरीदारी में जुटे हैं। बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। माहे रमजान के पूरे 30 रोजे रखने के बाद यह खुशियों का त्यौहार अल्लाह ताला अपने रोजेदारो को तोहफे के रूप में देता है। यह खुशियों का त्यौहार भाईचारा -अमन का संदेश लेकर आता है ईद की मुख्य नमाज ईदगाह में पढ़ाई जाती है जहां पर मेला लगा रहता है।ईद का त्योहार मोहब्बत, भाईचारे और खुशियों का पैगाम लेकर आता है। इस दिन लोग नमाज-ए-ईद अदा कर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और खुशियां बांटते हैं।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19








Total views : 2067700


