झुंझुनूं में ‘QR-स्कैन’ से महिलाओं को मिलेगी सुरक्षा:बस-ऑटो में लगा रहे कोड; फोन सीधे पुलिस से जुड़ेगा, तुरंत दर्ज होगी शिकायत
झुंझुनूं में 'QR-स्कैन' से महिलाओं को मिलेगी सुरक्षा:बस-ऑटो में लगा रहे कोड; फोन सीधे पुलिस से जुड़ेगा, तुरंत दर्ज होगी शिकायत
झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले में महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस मदद उपलब्ध कराने के लिए पुलिस ने नया अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर बस, ऑटो और टैक्सियों में राजकॉप सिटीजन एप के क्यूआर कोड पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यात्री इन क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे पुलिस सहायता तंत्र से जुड़ सकेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद या शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
बस, ऑटो और टैक्सियों में लगाए जा रहे क्यूआर कोड पोस्टर
पुलिस के इस अभियान के तहत जिले में चलने वाली बसों, ऑटो रिक्शा और टैक्सियों में विशेष क्यूआर कोड वाले पोस्टर लगाए जा रहे हैं। अक्सर यात्रा के दौरान महिलाएं या अन्य यात्री असुरक्षित महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में अब उन्हें किसी फोन नंबर की तलाश नहीं करनी पड़ेगी।

क्यूआर कोड स्कैन करते ही पुलिस से जुड़ेगा सिस्टम
यात्री अपने स्मार्टफोन से वाहन में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। स्कैन करते ही यह उन्हें सीधे पुलिस सहायता सिस्टम से जोड़ देगा। इससे जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मांगना आसान हो जाएगा।
एप से मिलेंगी कई पुलिस सेवाएं
राजकॉप सिटीजन एप के जरिए लोगों को कई सुविधाएं मिलेंगी। इसमें संकट के समय एसओएस भेजकर पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट करना, घर बैठे शिकायत दर्ज कराना और घरेलू नौकर, किरायेदार या चरित्र सत्यापन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
क्यूआर स्कैन करते ही एप डाउनलोड या सेवा तक पहुंच
क्यूआर कोड स्कैन करते ही उपयोगकर्ता सीधे एप के डाउनलोड पेज या संबंधित पुलिस सेवा तक पहुंच सकेंगे। इससे कम समय में पुलिस रिस्पॉन्स मिलने की संभावना बढ़ेगी।
शहर के अलग अलग इलाकों में लगाए जा रहे पोस्टर
झुंझुनूं पुलिस की ओर से शहर के अलग अलग इलाकों में बसों, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों पर यह पोस्टर लगाए जा रहे हैं। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला की टीम भी इस अभियान में वाहनों पर बैनर लगाने का काम कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने का लक्ष्य
एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि यह पहल सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली घटनाओं पर रोक लगाने और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के लिए की गई है। उनका कहना है कि लक्ष्य यह है कि जरूरत पड़ने पर लोगों को कम से कम समय में पुलिस सहायता मिल सके।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19





Total views : 2054482


