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चूरू में आईस्टार्ट अवेयरनेस कार्यशाला का पर्यवेक्षण


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चूरू में आईस्टार्ट अवेयरनेस कार्यशाला का पर्यवेक्षण

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने युवाओं को नवाचार व उद्यमिता के लिए किया प्रोत्साहित

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित मातुश्री कमला गोयनका टाउन हाल में आयोजित आईस्टार्ट अवेयरनेस कार्यशाला का पर्यवेक्षण किया तथा युवाओं से संवाद कर नवाचार, कोडिंग, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का दौर है, जहां कोडिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि सुदृढ़ और आत्मनिर्भर भविष्य की नींव हैं।

उन्होंने युवाओं को पारंपरिक सोच से आगे बढ़ते हुए नए विचारों पर कार्य करने तथा तकनीक के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आने वाला समय टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का है। जो युवा आज कोडिंग, एआई, मशीन लर्निंग और आईटी स्किल्स सीखेंगे, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।

जिला कलक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में उद्यमिता और स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जिले में नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।

उन्होंने बताया कि जिले में संचालित ‘कोड चूरू’ कार्यक्रम के माध्यम से स्कूलों में भी विद्यार्थियों को कोडिंग और आईटी की जानकारी दी जा रही है। विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम से जुड़कर अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता, मेंटरशिप, प्रशिक्षण एवं नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नवाचारी विचार और सही मार्गदर्शन से टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स सीमित संसाधनों में भी शुरू किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक नरेश कुमार ने आईटी क्षेत्र से संबंधित जानकारी दी। एसीपी विनोद कुमारी ने आई-स्टार्ट इनक्यूबेशन सेंटर पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया तथा गौरव ने ‘कोड चूरू’ कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की।

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