खाटूश्यामजी आने वाले 60 हजार श्रद्धालु परेशान:खाटू-जयपुर की प्राइवेट बसें बंद, यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर
खाटूश्यामजी आने वाले 60 हजार श्रद्धालु परेशान:खाटू-जयपुर की प्राइवेट बसें बंद, यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
सीकर : राजस्थान में प्राइवेट बसों और टैक्सियों की हड़ताल से लाखों पैसेंजर्स फंस गए हैं। खाटूश्यामजीं में फाल्गुनी लक्खी मेले के बीच एक नोहरे में प्राइवेट बसों का जमावड़ा लगा है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद भी बसें नहीं चलाई जा रही हैं, यात्री परेशान हो रहे हैं।खाटू से जयपुर जाने वाली प्राइवेट बसों को सिटी में जाने की अनुमति नहीं है। बस 14 नंबर बायपास स्थित हीरापुरा बस स्टैंड जाने का ही परमिट है। जिससे बाबा श्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले के बीच श्याम भक्तों के लिए मुसीबत हो गई है।
श्रीश्याम खाटू-जयपुर बस ऑपरेटर सेवा समिति ने 23 फरवरी से खाटूश्यामजी से जयपुर प्राइवेट बसों का संचालन रोक दिया है। बस ऑपरेटर यूनियन ने मेला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर 23 फरवरी से 28 फरवरी तक खाटू से जाने वाली प्राइवेट बसों को हीरापुरा बस स्टैंड (14 नंबर) की बजाय सिंधी कैंप तक जाने की परमिशन देने की मांग की है।
बस ऑपरेटर यूनियन के श्याम सींगड़ ने बताया कि रोजाना 70 बसें खाटू से जयपुर अप-डाउन करती हैं। हर बस करीब 3 फेरे (अप-डाउन) करती है। ऐसे में रोजाना मेले में करीब 30 हजार यात्री खाटू-जयपुर की यात्रा करते हैं। मेले के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। हड़ताल होने से अब तक दो दिन में करीब 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालु परेशान हुए हैं।
प्राइवेट बसों के ड्राइवर-कंडक्टर भी परेशान
यूनियन के अध्यक्ष मनीष बाजिया ने बताया कि खाटू से जयपुर जाने वाली सवारियां को हीरापुरा बस स्टैंड पर उतारा जाता है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है और श्रद्धालु सिंधी कैंप व रेलवे स्टेशन उतारने की जिद्द करते हैं, हीरापुरा उतारने पर श्रद्धालु मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे में कई दिनों से प्राइवेट बसों के ड्राइवर-कंडक्टर परेशान हो रहे हैं।

यूनियन ने बिना जुर्माने सिंधी कैंप तक प्राइवेट बसें जाने की परमिशन नहीं मिलने तक प्राइवेट बसों का संचालन बंद कर दिया है। इधर, प्राइवेट बसों का संचालन बंद होते ही श्रद्धालु भटक रहे हैं। बस स्टैंड पर सवारियों की भीड़ जमा होने लगी है। रोडवेज बसों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं।
प्रोब्लम्स का समाधान जरूरी
वहीं प्राइवेट बस यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की परेशानी है, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर के साथ रोजाना मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में मेले के दौरान समस्या का समाधान जरूरी है।
जान जोखिम में डालकर सफर
इधर, रोडवेज बस स्टैंड का परिसर भी खाली है, ऐसे में सवारियां हर तरह से परेशान हैं। रोडवेज में सवारियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेले पर अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, जबकि सवारियां भटक रही हैं।
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