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बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के बीच एमओयू, बीटीयू में स्थापित होगा क्लाइमेट रेफरेंस स्टेशन


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बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के बीच एमओयू, बीटीयू में स्थापित होगा क्लाइमेट रेफरेंस स्टेशन

बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के बीच एमओयू, बीटीयू में स्थापित होगा क्लाइमेट रेफरेंस स्टेशन

बीकानेर : बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू), बीकानेर एवं भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत आईआईटीएम द्वारा बीटीयू परिसर में भारत क्लाइमेट ऑब्जर्वेशन नेटवर्क के अंतर्गत एक अत्याधुनिक क्लाइमेट रेफरेंस स्टेशन की स्थापना की जाएगी।

जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि यह एमओयू बीटीयू को राष्ट्रीय स्तर के जलवायु अनुसंधान नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है। इससे मरुस्थलीय क्षेत्र में जलवायु अध्ययन, पर्यावरणीय परिवर्तन और क्षेत्रीय मौसम विश्लेषण को नई गति मिलेगी।

एमओयू पर बीटीयू की ओर से कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग तथा आईआईटीएम, पुणे की ओर से निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बीटीयू से डॉ. गणेश पी. प्रजापत (डीन, इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट रिलेशंस), डॉ. ऋतुराज सोनी एवं डॉ. राणुलाल चौहान उपस्थित रहे। वहीं आईआईटीएम की ओर से डॉ. सुवर्णा फडनविस, डॉ. नवीन गांधी सहित अनेक वैज्ञानिक मौजूद थे।

मरुस्थलीय क्षेत्र में जलवायु अध्ययन को मिलेगा बढ़ावा

कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि बीकानेर जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र में क्लाइमेट रेफरेंस स्टेशन की स्थापना विश्वविद्यालय एवं पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहल विद्यार्थियों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में बीटीयू की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

वहीं आईआईटीएम के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव ने बताया कि यहां स्थापित होने वाला क्लाइमेट रेफरेंस स्टेशन मरुस्थलीकरण, भूमि–वायुमंडल अंतःक्रिया तथा ग्रीनहाउस गैसों के अध्ययन में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान देगा। बीटीयू के साथ यह सहयोग राष्ट्रीय जलवायु डेटा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।

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