[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

नंगली सलेदी सिंह में करंट से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत: केबल नहीं डालने पर ग्रामीणों में रोष, तीन माह में तीन मोर गंवा चुके जान


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

नंगली सलेदी सिंह में करंट से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत: केबल नहीं डालने पर ग्रामीणों में रोष, तीन माह में तीन मोर गंवा चुके जान

कलेक्टर के निर्देश के चार माह बाद भी नहीं डाली गई केबल, सर्वे के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : उपखंड क्षेत्र के नंगली सलेदी सिंह गांव में 11 हजार केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी।

ग्रामीणों यासीन भाटी, कैलाश सिंह शेखावत, पुष्कर कुमावत, जमालुद्दीन भाटी, वीरेंद्र सेन, सपी मोहम्मद और फूलचंद कुमावत ने बताया कि मोर विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।सूचना मिलने पर रेंजर पवन सिंह शेखावत के निर्देश पर वन चौकी जसरापुर से वन मित्र जयमल खटाना और महेंद्र मेघवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृत मोर को कब्जे में लेकर वन विभाग चौकी जसरापुर पहुंचाया। वहां पशु चिकित्सक ने मोर को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने नियमानुसार मोर का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान पूर्व सरपंच रामजस, ठेकेदार होशियार सिंह, वन रक्षक ओम प्रकाश, वन मित्र जयमल खटाना और महेंद्र मेघवाल भी मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन माह में यह तीसरी घटना है, जब कोई मोर विद्युत लाइनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुका है। खुले विद्युत तार लगातार पक्षियों के लिए खतरा बने हुए हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता और रोष बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों और व्यापारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर 13 अक्टूबर को नंगली सलेदी सिंह में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपा गया था।

इस पर कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अधीक्षण अभियंता को मुख्य बाजार क्षेत्र में विद्युत केबल डालने के निर्देश दिए थे। विद्युत विभाग ने कलेक्टर के निर्देश मिलने के तीन दिन बाद मुख्य बाजार और आम रास्तों का सर्वे भी कर लिया था।इसके बावजूद कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश और सर्वे के करीब चार माह बीत जाने के बाद भी केबल डालने का कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण लगातार पक्षी करंट की चपेट में आ रहे हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से शीघ्र केबल डालकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad situs slot gacor hari ini bt62