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सांसद राहुल कस्वां केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद वेंकटेश जोशी से मिले:हस्तशिल्प उद्योगों की समस्याओं पर चर्चा की, BIS मानकों में राहत की मांग


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सांसद राहुल कस्वां केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद वेंकटेश जोशी से मिले:हस्तशिल्प उद्योगों की समस्याओं पर चर्चा की, BIS मानकों में राहत की मांग

सांसद राहुल कस्वां केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद वेंकटेश जोशी से मिले:हस्तशिल्प उद्योगों की समस्याओं पर चर्चा की, BIS मानकों में राहत की मांग

सादुलपुर : सांसद राहुल कस्वां ने शनिवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद वेंकटेश जोशी से मुलाकात की। उन्होंने चूरू जिले के हस्तशिल्प फर्नीचर उद्योग से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं से अवगत कराया। यह समस्या घरेलू फर्नीचर पर अनिवार्य बीआईएस (BIS) मानकों के क्रियान्वयन से उत्पन्न हो रही है।

सांसद कस्वां ने मंत्री को बताया- केंद्र सरकार द्वारा फर्नीचर पर अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन लागू किया जा रहा है। इससे स्थानीय लघु उद्योगों के बंद होने की आशंका है। वर्तमान में बीआईएस मानक केवल घरेलू बाजार के लिए अनिवार्य किए गए हैं, जबकि निर्यात किए जाने वाले फर्नीचर पर ये लागू नहीं हैं।

इस असमान व्यवस्था से स्थानीय कारीगरों और लघु उद्यमियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। विभिन्न श्रेणियों (जैसे मेज, कुर्सी, सोफा) के लिए अलग-अलग प्रमाणन, जटिल प्रक्रिया और उच्च शुल्क छोटे उद्यमों के लिए अनुपालन को बेहद कठिन बना रहे हैं।

निर्यात गतिविधियों में कमी के कारण यह उद्योग पहले से ही घरेलू मांग पर निर्भर है। बढ़ती अनुपालन लागत से इस पारंपरिक उद्योग के प्रभावित होने की आशंका है। चूरू जिले में लगभग 10,000 परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग पर निर्भर हैं।

सांसद कस्वां ने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि बीआईएस मानकों के अनुपालन हेतु समय सीमा में उचित विस्तार किया जाए। साथ ही, प्रक्रिया का सरलीकरण कर लघु उद्यमियों को व्यावहारिक राहत प्रदान की जाए।

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