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रींगस में पीएम मोदी, ट्रंप का पुतला जलाया:भारत-अमेरिका के व्यापार डील का किया विरोध, बजट के खिलाफ किया प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी


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रींगस में पीएम मोदी, ट्रंप का पुतला जलाया:भारत-अमेरिका के व्यापार डील का किया विरोध, बजट के खिलाफ किया प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी

रींगस में पीएम मोदी, ट्रंप का पुतला जलाया:भारत-अमेरिका के व्यापार डील का किया विरोध, बजट के खिलाफ किया प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

रींगस : रींगस कस्बे के बाईपास पर गुरुवार शाम को अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी और अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला जलाया गया।

भारत-अमेरिका व्यापार डील का विरोध

प्रदर्शनकारी केंद्र व राज्य सरकार के किसान, मजदूर और शिक्षा विरोधी बजट, मनरेगा कानून समाप्त करने और मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा तहसील अध्यक्ष केशाराम धायल और सचिव भूदाराम बगड़िया ने किया।

पुतला दहन से पहले किसान सभा नेता कामरेड एडवोकेट सीताराम पावंडा ने कहा- केंद्र की मोदी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर जो व्यापारिक समझौता किया है, वह देश के किसानों और आमजन को बर्बाद कर देगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर 18% और आयात पर 0% टैरिफ लगाकर देश को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है। पावंडा ने इसे किसानों की बर्बादी और देश को कर्ज में डुबाने वाला समझौता बताया, जिससे व्यापार संतुलन बिगड़ेगा।

बजट पर भी उठाए सवाल

किसान सभा जिला कमेटी सदस्य मालीराम वर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार के 2026-27 के आम बजट को किसान, मजदूर और आमजन के लिए गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट ने जनता की कमर तोड़ने का काम किया है और किसानों को कोई राहत नहीं मिली है।

वर्मा के अनुसार, यह बजट बेरोजगारी और महंगाई बढ़ाने वाला है। उन्होंने शिक्षा का बजट कम करने को देश व राज्य की शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने वाला कदम बताया और कहा कि किसानों पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आजादी के बाद पहली बार किसानों को राहत देने वाली स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट (सी2+50 फॉर्मूले के अनुसार) लागू नहीं की जा रही है।

बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

किसान सभा तहसील अध्यक्ष केशाराम धायल ने केंद्र व राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार समय रहते अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करती है, तो उन्हें ऐतिहासिक किसान आंदोलन की तर्ज पर फिर से बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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