खेतड़ी में 324 विद्यार्थियों को विवेकानंद पुस्तक व कैलेंडर वितरित
डॉ. जुल्फिकार ने एक लाख कैलेंडर नि:शुल्क बांटने का लिया संकल्प
खेतड़ी : विवेकानंद पब्लिक विद्यालय राजोता और विनोदिनी स्नातकोत्तर महाविद्यालय खेतड़ी के 324 छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्रवासियों को स्वामी विवेकानंद पर आधारित पुस्तकें एवं वर्ष 2026 के विवेकानंद कैलेंडर नि:शुल्क वितरित किए गए।
इस अवसर पर विद्यालय संचालक अशोक सिंह शेखावत, विनोदिनी महाविद्यालय की प्राचार्य संतोष सैनी एवं भीमसर निवासी डॉ. जुल्फिकार उपस्थित रहे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद और खेतड़ी नरेश अजीत सिंह के ऐतिहासिक संबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने जीवनकाल में तीन बार खेतड़ी आए थे। उनके नामकरण, पोशाक और शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन से जुड़े प्रसंगों का संबंध भी खेतड़ी से रहा है।
खेतड़ी में देश का पांचवां और राजस्थान का पहला ‘अजीत-विवेक संग्रहालय’ स्थापित है, जिसमें स्वामी विवेकानंद और राजा अजीत सिंह से जुड़े 109 दिनों की विशिष्ट घटनाओं का प्रदर्शन किया गया है।
71,516 कैलेंडर पहले ही वितरित
डॉ. जुल्फिकार ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों से स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेशों वाले कैलेंडर नि:शुल्क वितरित कर रहे हैं। अब तक 71,516 कैलेंडर दिल्ली सहित राजस्थान के अलवर, जयपुर, बीकानेर, सीकर, चूरू, हनुमानगढ़ और झुंझुनूं सहित विभिन्न जिलों के राजकीय-गैरराजकीय विद्यालयों, मदरसों, वेद विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में बांटे जा चुके हैं।
वे झुंझुनूं जिले के खेतड़ी, राजोता, सिंघाना, जसरापुर, भीमसर, नूआं, सिरियासर, आबूसर, अलसीसर, मलसीसर और टमकोर सहित अनेक गांवों में युवाओं से संवाद कर रहे हैं। उनका लक्ष्य एक लाख युवाओं तक स्वामी विवेकानंद के विचार पहुंचाना है।

शोध और लेखन में भी सक्रिय
डॉ. जुल्फिकार ने स्वामी विवेकानंद पर पीएचडी करने के साथ ही उनके जीवन और विचारों पर पांच पुस्तकें लिखी हैं। वे वर्ष 2005 से 2009 के बीच किए गए अपने शोध को जीवन की दिशा बदलने वाला अनुभव बताते हैं। उनका कहना है कि स्वामी विवेकानंद के विचार किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता, राष्ट्रनिर्माण और युवाशक्ति को दिशा देने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि रामकृष्ण मिशन खेतड़ी पर पीएचडी करने वाले वे देश के पहले मुस्लिम शोधार्थी हैं।
2020 में शुरू हुआ अभियान
राष्ट्रीय युवा दिवस 2020 पर नई दिल्ली स्थित केशव कुंज, झंडेवालान में विवेकानंद कैलेंडर का विमोचन किया गया था। तब से यह अभियान लगातार जारी है।
डॉ. जुल्फिकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की परियोजनाओं के तहत बांग्लादेश, श्रीलंका और सिंगापुर की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने वेलूर मठ सहित 50 से अधिक रामकृष्ण मठों और मिशन संस्थाओं में रहकर अध्ययन किया है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
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