लोकसभा में उठेगा अवैध खनन, ब्लास्टिंग और पर्यावरण विनाश का मुद्दा
38वें दिन भी जारी धरना, सांसद हनुमान बेनीवाल ने उच्च स्तरीय जांच का दिया आश्वासन
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मुकेश सिंह
गुढ़ागौड़जी : गुढ़ागौड़जी पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम बामलास, हुकुमपुरा, खेदड़ो की ढाणी एवं खरबासों की ढाणी में अवैध खनन और अत्यधिक विस्फोट (ब्लास्टिंग) के विरोध में चल रहा धरना बुधवार को 38वें दिन भी कड़ाके की ठंड के बीच लगातार जारी रहा। खनन विभाग, पुलिस प्रशासन और धरनार्थियों के बीच हुई वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही। प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन अथवा प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
200 से अधिक मकानों में दरारें, 40 ट्यूबवेल क्षतिग्रस्त
बुधवार देर रात्रि धरनार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल एडवोकेट जयन्त मूण्ड के नेतृत्व में दिल्ली पहुंचा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के सांसद हनुमान बेनीवाल से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि खनन लीज क्षेत्रों में हो रही भीषण ब्लास्टिंग के कारण आसपास के 200 से अधिक मकानों में गहरी दरारें आ चुकी हैं। वहीं 40 से अधिक ट्यूबवेल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
धूल, कंपन और शोर से जनजीवन प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि दिन-रात चल रही भारी मशीनरी से धूल प्रदूषण, कंपन और शोर के कारण आमजन का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। इसका बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उदयपुरवाटी का खनन व वन विभाग, गुढ़ागौड़जी तहसीलदार तथा झुंझुनूं खनन अभियंता की आपसी साठगांठ से खनन माफिया बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।
गिरावड़ी में पेड़ कटाई का मामला भी उठाया
इस दौरान एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने उदयपुरवाटी क्षेत्र के ग्राम गिरावड़ी का गंभीर मामला भी सांसद के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि भैरुजी भगवान की पुरानी बणी में पावर ग्रिड कंपनी द्वारा पिलर लगाने के नाम पर हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके विरोध में ग्रामीण पिछले एक माह से धरने पर बैठे हैं। यह मामला धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों से जुड़ा हुआ है।
लोकसभा में उठेगा मामला : हनुमान बेनीवाल
सांसद हनुमान बेनीवाल ने दोनों ही मामलों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि अवैध खनन, नियमों के उल्लंघन, अत्यधिक ब्लास्टिंग और पर्यावरण विनाश से जुड़े इन प्रकरणों को लोकसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरु प्रदेश में खेजड़ी सहित किसी भी हरे-भरे वृक्ष, पहाड़ या प्राकृतिक संसाधन के दोहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जनता के जीवन, संपत्ति, आस्था और पर्यावरण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सरपंच दारासिंह मेघवंशी, प्रदीप यादव, लीलाधर मीणा और बंटी नेहरा शामिल रहे।
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